
खंडवा. देश में लगातार नोवल कोरोना वायरस संदिग्ध मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। प्रदेश में भी सरकार ने कोरोना वायरस को लेकर हाई अलर्ट कर दिया है। जिला अस्पताल प्रबंधन द्वारा कोरोना वायरस संदिग्ध के इलाज की सारी व्यवस्थाएं ट्रामा सेंटर में आयसोलेशन वार्ड और छैगांवमाखन में क्योरेनाटाइन वार्ड बनाकर की गई है। वहीं, राज्य सरकार द्वारा कोरोना वायरस से बचने के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पल्लवी जैन द्वारा कोरोना वायरस से बचाव के लिए सुरक्षित रहना ही पहला उपाय बताया है। उन्होंने लोगों को हाथ मिलाने की बजाए नमस्ते और आदाब से अभिवादन करने की अपील की है।
्रमुख सचिव स्वास्थ्य पल्लवी जैन ने बताया कि प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित कोई भी मरीज नहीं है। अभी तक 14 सेंपल जांच के लिए पुणे लैब में भेजे गए थे, जिनमें से 13 सेंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। एक रिपोर्ट आना बाकी है। प्रदेश में 420 लोग दूसरे देशों से आए हैं, जिनमें से 319 लोगों को 28 दिन ऑब्जर्वेशन में रखने के बाद सार्वजनिक जगहों पर जाने की अनुमति दे दी गयी है। प्रमुख सचिव ने बताया कि 6 मार्च को प्रदेश के 350 केंद्रों पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी जिलों में तीन-तीन सदस्यीय रेपिड एक्शन टीम बनायी गयी है, जो सूचना मिलने पर सुरक्षा के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। सभी ड्रग इंस्पेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि कोई भी दवा-संस्थान व दुकान, दवाईयों और मास्क का अतिरिक्त भंडारण न करे। साथ ही एमआरपी से अधिक कीमत पर दवाइयों को विक्रय न करें।
घरेलू उपाय भी करें
आयुक्त स्वास्थ्य प्रतीक हजेला ने बताया कि कोरोना वायरस से बचने का सबसे बड़ा उपाय यह है कि अपने इम्यून सिस्टम को बढ़ाएं। आयुर्वेदिक, होम्पोपैथिक दवाएं भी सुरक्षा के रूप में ली जा सकती हैं। गिलोये, विटामिन-सी, च्यवनप्रास जैसी घरेलू दवाओं का उपयोग भी करें, जिससे शरीर का स्वरक्षा तंत्र मजबूत हो। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग रश्मि अरुण सोनी ने जिला शिक्षा अधिकारियों व शिक्षा विभाग के जिला परियोजना समंवयकों को निर्देश दिए है कि वे अपने क्षेत्र के स्कूलों में विद्यार्थियों को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए सावधानियां बरतने के लिए जागरूक करें।