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थाली में जहर! खंडवा में जांचे 197 खाद्य सैंपल, 24 निकले अमानक; रिपोर्ट आई तब तक बिक चुका था माल

-जांच के कई माह बाद आ रही रिपोर्ट, तब तक बाजार में खप जाते अमानक पदार्थ -इस साल 200 सैंपल जांच के लिए भेजे, 197 की रिपोर्ट में 24 अमानक मिले
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खंडवा

•

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Manish Arora

•

Oct 02, 2026

Food Safety Lab

चलित लैब

सावधान हो जाए, आपकी थाली में बाजार से अमानक खाद्य पदार्थ रूपी जहर घुल सकता है। यह खुलासा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा लिए गए सैंपल की जांच रिपोर्ट कर रही है। बाजार में बिक रहे पनीर, मिल्ककेक, मिठाई, सेव, नमकीन, खाद्य तेल सहित कई खाद्य पदार्थ रिपोर्ट में अमानक स्तर के पाए गए है। यह बात दूसरी है कि महीनों इंतजार के बाद आई रिपोर्ट से पहले ही जांच नमूने वाले अमानक खाद्य पदार्थ बाजार में बिक चुके थे।

अर्थदंड की कार्रवाई की

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने इस साल जनवरी से सितंबर तक कुल 200 खाद्य पदार्थों की जांच के नमूने लेकर लैब में भेजे थे। इसमें से 197 नमूनों की जांच रिपोर्ट आई है, जिसमें 24 अमानक स्तर के पाए गए है। रिपोर्ट के आधार पर जिन कारोबारियों के नमूने अमानक पाए गए, उनके खिलाफ अर्थदंड की कार्रवाई की गई है। यानि कि अमानक खाद्य पदार्थ बेचने वालों को एक तरह से जुर्माना भरकर दोबारा नकली माल बेचने की छूट दे दी गई।

त्योहारी सीजन में दिखावे की कार्रवाई

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को हर माह खाद्य विभागों की जांच का टारगेट मिलता है। करीब दो माह पूर्व एनालॉग पनीर और डेयरी प्रोडेक्ट्स को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के आदेश जारी किए थे। तब कुछ एक कार्रवाई के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। त्योहारी सीजन में जरूर कलेक्टर के निर्देश पर विभाग जागता है और कार्रवाई करता है, लेकिन वह भी नाकाफी। त्योहारी सीजन में लिए गए सैंपलों की जांच रिपोर्ट जब तक आती है, तब तक तो माल बाजार में खप चुका होता है।

प्रदेश में सिर्फ चार लैब

खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा प्रदेशभर में लिए जाने वाले खाद्य सैंपल की जांच के लिए प्रदेश में सिर्फ चार ही लैब है। इसमें खंडवा जिले के सारे नमूने भोपाल भेजे जाते है। भेजे गए जांच नमूनों की रिपोर्ट 14 से 20 दिन में देने का नियम है, लेकिन ये रिपोर्ट डेढ़ से चार माह बाद तक आ रही है। इसका मुख्य कारण इस लैब में एक ही एनालिस्ट का होना है। भोपाल के अलावा इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में एफएसएसएआई की लैब चल रही है।

चलित लैब भी कोई काम की नहीं

खाद्य एवं औषधि विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों की त्वरित जांच के लिए एक चलित लैब भी रखी हुई है। लैब के माध्यम से बाजार में जाकर मौके पर ही खाद्य पदार्थ की जांच के लिए सैंपल कलेक्ट किए जाते है। आम उपभोक्ता भी 10 रुपए शुल्क देकर चलित लैब के माध्यम से खाद्य पदार्थ की जांच करा सकते हैं। इस चलित लैब में आज तक किसी भी सैंपल की रिपोर्ट अमानक नहीं आई है, जो इसकी गुणवत्ता पर एक बड़ा सवाल है। वैसे भी लैब कई-कई दिन तक कार्यालय परिसर में ही खड़ी नजर आती है।

लैब से ही देरी से मिल रही रिपोर्ट

जांच रिपोर्ट 14 से 20 दिन में आने का प्रावधान है, लेकिन लैब से ही देर में आ रही है। आशंका के आधार पर सैंपल लिए जाते है, उसे पूरा नष्ट नहीं किया जा सकता। अर्थदंड भी सजा की एक प्रक्रिया है, जो कि एक्ट में प्रावधान है। अमानक का मतलब पूरी तरह से खराब नहीं होता है, इसके लिए अलग-अलग स्टैंडर्ड तय किए हुए है।
आरएस गोले, खाद्य सुरक्षा अधिकारी