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विश्व हृदय दिवस : खंडवा में सुबह की दौड़ नहीं, अस्पताल की दौड़ लगा रहे युवा, दिल ने उम्र की सीमा तोड़ी

सुबह की शुरुआत मोबाइल देखकर, दिनभर कुर्सी पर बैठकर काम, बीच-बीच में चाय-सिगरेट और रात को देर तक जागना... यह दिनचर्या अब सिर्फ थकान नहीं दे रही, दिल पर भी असर डाल रही है। जिले में सामने आ रहे अस्पताल के आंकड़े एक ऐसी तस्वीर दिखा रहे हैं, जिसे कुछ साल पहले तक सोचना भी मुश्किल था। हार्ट अटैक अब केवल उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रह गया है। 25 से 35 साल की उम्र के युवा भी इसकी चपेट में आकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। यानी जिस उम्र को जिंदगी की सबसे सक्रिय उम्र माना जाता है, उसी उम्र में दिल बीमारी का संकेत देने लगा है।
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सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)

  • जिले में 25 से 35 साल के युवा बन रहे हार्ट मरीज, आठ महीने में 95 मामले, 17 लोगों की मौत

जिला अस्पताल में जनवरी से अगस्त तक हार्ट अटैक के 95 मरीज सामने आए। इनमें 64 पुरुष और 31 महिलाएं हैं। इस दौरान 17 मरीजों की मौत भी हुई। फरवरी में सबसे ज्यादा 14 मरीज हार्ट अटैक के साथ पहुंचे, जबकि अप्रैल और अगस्त में भी 13-13 मरीज दर्ज हुए। जनवरी में 7, मार्च में 11, मई में 9, जून और जुलाई में 8-8 मरीज सामने आए।

दिल की बीमारी से आइसीयू तक पहुंच रहे 213 मरीज

सिर्फ हार्ट अटैक के आंकड़े ही चिंता बढ़ाने वाले नहीं हैं। आठ महीने में दिल संबंधी बीमारी के चलते जिला अस्पताल के आइसीयू में 153 पुरुष और 60 महिलाओं को भर्ती करना पड़ा। फिलहाल भी चार मरीज भर्ती हैं। दूसरी ओर हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों का आंकड़ा इससे कहीं बड़ा है। जनवरी से अगस्त तक 4,936 पुरुष और 4,136 महिलाएं यानी कुल 9,072 मरीज हाइपरटेंशन के सामने आए।

दिल पर पड़ रहा रोजमर्रा की जिंदगी का असर

एमडी डॉक्टर मोहित गर्ग के अनुसार कम उम्र में हार्ट संबंधी समस्या के पीछे सिगरेट, बीड़ी और तंबाकू का सेवन, हाइ ब्लड प्रेशर, शुगर, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, व्यायाम की कमी, अनियमित खान-पान और तनाव जैसे कारण महत्वपूर्ण हैं। युवाओं को यह भ्रम नहीं रखना चाहिए कि कम उम्र होने के कारण वे हार्ट अटैक से सुरक्षित हैं। सीने में दबाव या दर्द, सांस फूलना, ठंडा पसीना, अचानक कमजोरी, चक्कर या दर्द का बांह और जबड़े तक पहुंचना चेतावनी के संकेत हो सकते हैं। हर सीने का दर्द हार्ट अटैक नहीं होता, लेकिन अचानक या गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

दिल को बचाने की शुरुआत आदत बदलने से

डॉक्टर गर्ग का कहना है कि सिगरेट, बीड़ी और तंबाकू से दूरी, नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और समय-समय पर बीपी, शुगर व कोलेस्ट्रॉल की जांच जरूरी है। हार्ट की दवाएं डॉक्टर की सलाह के बिना बंद नहीं करनी चाहिए। युवाओं में बढ़ते हार्ट रोग का सबसे बड़ा संदेश यही है कि उम्र छोटी हो सकती है, लेकिन दिल को जोखिम से बाहर मान लेना अब सुरक्षित सोच नहीं है।

हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) के मरीज

माह - पुरुष - महिला


जनवरी - 477 - 457





फरवरी - 886 - 682





मार्च - 514 - 579





अप्रैल - 737 - 536





मई - 477 - 442





जून - 862 - 358





जुलाई - 519 - 594





अगस्त - 464 - 488


हार्ट अटैक के मरीज

माह - पुरुष - महिला


जनवरी - 6 - 1





फरवरी - 12 - 2





मार्च - 10 - 1





अप्रेल - 9 - 4





मई - 8 - 1





जून - 5 - 3





जुलाई - 5 - 3





अगस्त - 9 - 4