
खंडवा : उत्कृष्ट स्कूल में एल्युमिनी मीट में शामिल 1976 बैच के छात्र
स्कूल शिक्षा विभाग में उत्कृष्ट स्कूल में 1976 बैच का गुरु वंदन समारोह हुआ। इस दौरान 50 साल पुराने सहपाठियों से मिलकर पूर्व विद्यार्थी भावुक हुए। इस अवसर पर दिवंगत शिक्षकों और साथियों को दी श्रद्धांजलि अर्पित की। और पुराने यादों को ताजा किया।
पांच दशक का फासला और बदलती उम्र के बीच बदलता दौर। लेकिन गुरुजनों के प्रति सम्मान और स्कूल की यादें आज भी वैसी ही हैं। हम बात कर रहे हैं सोमवार को शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 1976 बैच के पूर्व विद्यार्थियों के भावुक सम्मेलन की। करीब 50 साल बाद अपने पुराने स्कूल पहुंचे शिष्यों ने गुरुजनों का शॉल, श्रीफल और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मान किया। पुराने सहपाठियों से मिलकर यादें ताजा कीं। इस आत्मीय आयोजन को यादगार बनाने के लिए पूर्व छात्रों ने विद्यालय को इंटरएक्टिव स्मार्ट बोर्ड की सौगात भी दी।
समारोह में पूर्व विद्यार्थी सपरिवार शामिल हुए। विद्यालय के वर्तमान छात्र-छात्राएं भी इस आयोजन के साक्षी बने। पुरानी और नई पीढ़ी एक साथ नजर आई। पूर्व छात्रों ने अपने विद्यार्थी जीवन के किस्से साझा किए। स्कूल के दिनों की यादें ताजा कीं। वहीं, सेवानिवृत्त शिक्षकों ने भी अपने पुराने शिष्यों को देखकर प्रसन्नता जताई। गुरु वंदन समारोह में पूर्व छात्रों ने शिक्षकों का चरण वंदन किया। शॉल, श्रीफल और स्मृति चिह्न भेंटकर उनका सम्मान किया। शिक्षकों ने कहा कि आधी सदी बाद भी शिष्यों का यह स्नेह और सम्मान उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है। उन्होंने पूर्व विद्यार्थियों और वर्तमान छात्र-छात्राओं को जीवन में आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया।
दिवंगत गुरुजनों और साथियों को किया याद
आयोजन का सबसे भावुक पल श्रद्धांजलि सत्र रहा। पूर्व छात्रों ने उन दिवंगत शिक्षकों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए, जिन्होंने कभी उन्हें शिक्षा और संस्कार दिए थे। बैच के दिवंगत सहपाठियों को भी दो मिनट का मौन रखकर याद किया। इस दौरान सभागार में भावुक माहौल बन गया। पुरानी यादों के बीच बिछड़े साथियों और गुरुजनों को याद कर कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
पूर्व छात्रों ने सिर्फ यादें साझा नहीं कीं। अपनी शाला के भविष्य के लिए भी योगदान दिया। उन्होंने विद्यालय में इंटरएक्टिव इंटेलिजेंट स्मार्ट बोर्ड स्थापित करने के लिए सहयोग राशि का चेक स्कूल प्रबंधन को सौंपा। उनका उद्देश्य वर्तमान और आने वाली पीढ़ी को डिजिटल तकनीक से जोड़ना है। ताकि विद्यार्थी आधुनिक शिक्षण सुविधाओं के साथ आगे बढ़ सकें। समारोह में वर्तमान शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन ने पूर्व विद्यार्थियों की इस पहल की सराहना की।
गुरु वंदन और पूर्व छात्र सम्मालन का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। करीब पांच दशक बाद आयोजित इस मिलन समारोह में गुरु-शिष्य परंपरा और विद्यालय के प्रति कृतज्ञता की मिसाल बन गया। लंबे समय से बाद एक साथ मिले छात्रों की यादें जाता हो गईं। कइयों की आंखें भी डबडबा आईं। एक दूसरे को बधाई दी और गले लगे।
Updated on:
29 Sept 2026 11:52 am
Published on:
29 Sept 2026 11:51 am
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