
पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को झाबुआ जिले से गिरफ्तार किया है। मोघट थाना पुलिस को यह सफलता हाथ लगी है। आरोपी ने एक फरियादी को पहलगाम हमले में शामिल होने का डर दिखाकर उसके खाते से लगभग तीन लाख पांच हजार रुपए की राशि अन्य खातों में हस्तांतरित करवा ली थी। पुलिस ने आरोपी का खाता होल्ड कर उसके मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर पकड़ा।
मामला यह है कि मोघट थाना क्षेत्र में रहने वाले फरियादी को 31 मार्च में एक फोन आया था। फोनकर्ता ने कहा था कि पहलगाम आतंकी हमले में तुम्हारा भी नाम आ रहा है, तुम्हें डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। पुलिस के डर से फरियादी फोनकर्ता की बात मानता गया और बचने के लिए उसके खाते में रुपए ट्रांसफर करता गया। आरोपी ने 31 मार्च से लेकर 15 अप्रेल के बीच चार बार फरियादी को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाते हुए 3 लाख 4999 रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। जब डिमांड ज्यादा होने लगी तो श्रवण को समझ आया कि वह ठगी का शिकार हो चुका है। जिसके बाद फरियादी ने मोघट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
विवेचना के दौरान सायबर सेल खंडवा की मदद ली। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जानकारी मिली कि फरियादी के खाते से राशि आकाश पिता गुलचंद भूरिया निवासी ग्राम नरवालिया, थाना कल्याणपुरा, जिला झाबुआ के बैंक खाते में हस्तांतरित हुई है। पुलिस ने आरोपी का खाता होल्ड कर दिया। आरोपी आकाश के कॉल डिटेल पर भी पुलिस सायबर सेल की मदद से नजर रख रही थी। आरोपी का अधिकतर मूवमेंट पंजाब, दिल्ली और राजस्थान में था।
आरोपी जैसे ही झाबुआ पहुंचा, पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए धरदबोचा। आरोपी आकाश उर्फ हावसिंह को अवैधानिक कार्यवाही के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहा से उसे जेल भेज दिया गया। कार्रवाई में मोघट थाना प्रभारी विकास खिची, रामेश्वर चौकी प्रभारी उनि सुभाष नावड़े, प्रआर शेखर गुप्ता, सायबर सेल से प्रआर जितेन्द्र राठौर, प्रआर विक्रम वर्मा और आर उदय सिंह की टीम शामिल रही।