खंडवा

मानसून की बेरूखी… खंडवा जिले में बिगडऩे लगे हालात, आधा सीजन बीता, जिले के प्रमुख जल स्रोत अब भी रीते

-सिंचाई के प्रमुख जल स्रोत आधे से ज्यादा खाली, गर्मी में होगी परेशानी -आगामी ग्रीष्म सीजन में सिंचाई के लिए बांध भरने जरूरी -अगस्त के दूसरे सप्ताह भी तेज बारिश की कोई संभावना नहीं
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Aug 09, 2026
Indira Sagar Dam Khandwa
खंडवा. इंदिरा सागर बांध अभी भी 10 मीटर के करीब खाली है।

इस मानसून सीजन में असामान्य और खंड बारिश गर्मी में जल संकट का कारण बन सकती है। जिले में प्रमुख जलाशयों की स्थिति आधा मानसून सीजन बीतने के बाद भी चिंताजनक बनी हुई है। तीन जिलों में सिंचाई की प्रमुख परियोजना इंदिरा सागर बांध की स्थिति सबसे खराब है। यहां अब भी बांध की पूर्ण जल भराव क्षमता से करीब 10 मीटर बांध खाली है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सहित सिंचाई व पशुओं को पानी उपलब्ध कराने वाले 46 जलाशय 75 प्रतिशत भी नहीं भर पाए है।

इस बार मानसून की स्थिति कमजोर

मानसून सीजन में इस बार जिले की स्थिति बेहद कमजोर बनी हुई है। जिले में 120 दिन के सीजन में 55 दिन बीत चुके है। इन 55 दिनों में जिले की औसत बारिश 808.8 मिमी में से 452.8 मिमी बारिश यानि आधे से कुछ ज्यादा ही हुई है। अब 65 दिन का सीजन बाकी है और वर्तमान में बारिश की स्थिति देखते हुए इस बार औसत भी पूरा होते नहीं दिख रहा है। खंडवा सहित खरगोन, बड़वानी में एक लाख हेक्टेयर से अधिक रकबे की सिंचाई के लिए इंदिरा सागर बांध परियोजना की नहरों से पानी दिया जाता है। इंदिरा सागर बांध 10 मीटर करीब खाली है। उपरी बांधों, बरगी, तवा से भी पानी नहीं आने के कारण स्थिति बिगड़ती जा रही है।

भगवंत सागर, चारखेड़ा की स्थिति अच्छी

शहर को पीने के लिए पानी और कुछ क्षेत्रों में सिंचाई के लिए चारखेड़ा और भगवंत सागर बांध से पानी लिया जाता है। फिलहाल दोनों जगह स्थिति ठीक है। भगवंत सागर बांध तो पिछले दिनों बारिश में ओवरफ्लो की स्थिति में आने से यहां से पानी भी छोड़ा गया था। वहीं, चारखेड़ा में भी अभी पानी फिल्टर प्लांट के पास तक है। लेकिन यहां इंदिरा सागर बांध खाली होने के कारण आगामी ग्रीष्म सीजन में स्थिति बिगड़ सकती है।

एक सप्ताह छिटपुट बारिश

भोपाल के मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि मप्र के दक्षिणी भाग में कोई भी मानसून सिस्टम सक्रिय नहीं है। बंगाल की खाड़ी में बनी ट्रफ लाइन आगे जा चुकी है। खंडवा जिले में भी बारिश की स्थिति अभी ठीक नहीं दिख रही है। एक सप्ताह तक कहीं-कहीं छिटपुट या रिमझिम बारिश हो सकती है। मानसून का तीसरा सीजन अगस्त के दूसरे पखवाड़े से शुरू हो सकता है।

ये है प्रमुख जलस्रोतों की स्थिति

ओंकारेश्वर बांध
जल भराव क्षमता 196.60 मीटर
वर्तमान जल भराव 195.14 मीटर
इंदिरा सागर बांध
जल भराव क्षमता 262.13 मीटर
वर्तमान जल भराव 252.46 मीटर

अन्य जलाशयों की स्थिति


भगवंत सागर बांध
जलभराव क्षमता 78.6 एमसीएम
वर्तमान स्थिति 58.59 एमसीएम
आवलियां और भाम
कुल जलभराव क्षमता 51.92 एमसीएम
वर्तमान स्थिति 26.81 एमसीएम
लघु जलाशय कुल 46
कुल जलभराव स्थिति 40.82 एमसीएम
वर्तमान स्थिति 27.96 एमसीएम
कुल 49 जलाशय
कुल जलभराव स्थिति 173.57 एमसीएम
वर्तमान जलभराव 113.26 एमसीएम
कुल जलभराव 66.32 प्रतिशत

Updated on:
09 Aug 2026 12:03 pm
Published on:
09 Aug 2026 12:03 pm