खंडवा

पंजाब के लुधियाना मदरसे से मुंबई भागा नाबालिग खंडवा में मिला, सीडब्ल्यूसी ने परिजनों को सौंपा

खंडवा स्टेशन पर दोस्त से बिछडऩे से वह आरपीएफ और चाइल्ड लाइन के सदस्यों के सहयोग से उसे न्यायपीठ बाल कल्याण समिति ( सीडब्ल्यूसी )के पास पहुंचाया गया।

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Apr 09, 2025
न्यायपीठ बाल कल्याण समिति खंडवा ने नाबालिग को माता-पिता को सुपुर्द किया।

पंजाब के लुधियाना मदरसे से एक नाबालिग दोस्त के साथ मुंबई के लिए भागा। खंडवा स्टेशन पर दोस्त से बिछडऩे से वह आरपीएफ और चाइल्ड लाइन के सदस्यों के सहयोग से उसे न्यायपीठ बाल कल्याण समिति ( सीडब्ल्यूसी )के पास पहुंचाया गया।

आरपीएफ ने बाल कल्याण समिति को किया सुपुर्द

पंजाब के लुधियाना मदरसे से भाग कर दोस्त के साथ मुंबई जा रहा 13 वर्षीय नाबालिग खंडवा रेलवे स्टेशन पर बिछडऩे से छूट गया। तीन दिन पहले दोस्त के नहीं मिलने पर वह खंडवा स्टेशन पर बैठा था। आरपीएफ के पूछताछ के बाद नाबालिग को बाल कल्याण समिति को सुपुर्द कर दिया गया। समिति के सदस्यों ने लुधियाना समिति से संपर्क कर नाबालिग के माता-पिता को बुलाया। आठ अप्रैल को समिति के सदस्यों ने कागजी प्रक्रिया पूरी कर नाबालिग को परिजनों को सुपुर्द कर दिया।

पंजाब से खंडवा पहुंचा माता-पिता

न्यायपीठ बाल कल्याण समिति ( सीडब्ल्यूसी ) अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने बताया नाबालिग के माता और परिजनों को खंडवा बुलाकर बालक की काउंसलिंग कर समझाइश देकर सुपुर्द कर दिया गया। इस दौरान समिति सदस्य मोहन मालवीय, कविता पटेल, रुचि पाटिल, स्वप्निल जैन ने नाबालिग की माता को विधिवत पहचान कराकर साक्ष्य जुटाए। कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नाबालिग को परिजनों को सुपुर्द कर दिया। सुपुर्द की एक प्रति लुधियाना समिति को भेजी गई है। परिजन बच्चों को लेकर पहले लुधियाना बाल कल्याण समिति के पास रिपोर्ट करेंगे। उसके बाद बच्चे को लेकर घर जाएंगे।

Updated on:
09 Apr 2025 12:03 pm
Published on:
09 Apr 2025 12:01 pm
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