MP News: सैटेलाइट ने फसल लगे खेतों को बता दिया खाली, पंजीयन के बाद भी समर्थन मूल्य पर नहीं हो रही बिक्री, स्लॉट बुकिंग में भी आ रही दिक्कतें, किसान परेशान।
MP News: मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में सैटेलाइट सत्यापन की खामियों के चलते बड़ी संख्या में किसानों का गेहूं समर्थन मूल्य पर नहीं बिक पा रहा है। सत्यापन नहीं होने से करीब 26 हजार किसान गेहूं खरीदी से बाहर हो गए हैं। वे अब बिना सत्यापन के अपना गेहूं समर्थन मूल्य पर नहीं बेच सकेंगे। कुछ किसान ऐसे भी हैं जिनकी उपज कम दिख रही है। स्लाट बुक की प्रक्रिया पूरी करने पर अंत में पोर्टल पर सैटेलाइट द्वारा असत्यापित किया गया है, इस तरह का मैसेज आ रहा है। जिले में गेहूं खरीदी प्रक्रिया के दौरान तकनीकी खामियां किसानों पर भारी पड़ रही हैं।
सैटेलाइट के माध्यम से खेतों का सत्यापन नहीं होने के कारण करीब 26 हजार किसान समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने से बाहर हो गए हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने नियमानुसार पंजीयन कराया, पोर्टल पर उनका डेटा दिख रहा है लेकिन जैसे ही वह स्लॉट बुक करने की प्रक्रिया पूरी करते हैं, तो अंत में पोर्टल पर सैटेलाइट द्वारा असत्यापित का संदेश दिखाई देता है। इसके कारण उनकी बुकिंग निरस्त हो जाती है।
किसानों का कहना है कि सैटेलाइट से खेत में नरवाई जलाने पर तस्वीर आ रही है। किसान पर केस बनाकर उससे जुर्माना वसूला जा रहा है, लेकिन उसी सैटेलाइट को गेहूं की फसल के सबूत नहीं दिख रहे हैं। खेत में गेहूं नहीं बोना बताया जा रहा है। इस तरह से किसानों को बेवजह परेशान करने के साथ प्रताड़ित किया जा रहा है।
ग्राम बामझर के रहने वाले कुलदीप पटेल के खेत का भी सैटेलाइट से सत्यापन नहीं हुआ है। खेत में लगी गेहूं की फसल का पंजीयन करवाया था। इसके बाद गेहूं की फसल भी काट ली। अब गेहूं खरीदी शुरू करने पर सैटेलाइट सर्वे किया जा रहा है। सैटेलाइट में खेत खाली दिखाई दे रहा है। इस वजह से स्लॉट बुक नहीं हो पा रहे हैं। इसी तरह से ग्राम चमाटी निवासी दिनेश महाजन का कहना है कि उन्होंने समय पर पंजीयन करा लिया था। खेत व फसल से संबंधित सारी जानकारी अपलोड करने पर पोर्टल पर मैसेज लिखा आ रहा है कि सैटेलाइट ने असत्यापित कर दिया है। वहीं ग्राम पोखर के राकेश पटेल का कहना है कि शादियों का सीजन शुरू हो गया है। घर परिवार में शादी होने से किसान को रुपयों की जरूरत है लेकिन समर्थन मूल्य पर गेहूं नहीं बिक पा रहा है। उन्होंने तीन बार पंजीयन करवाया है। अब सैटेलाइट में खेत में गेहूं की फसल ही नहीं लगाना बताया गया। इससे उनके गेहूं समर्थन मूल्य पर नहीं बिक पा रहे।
भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री सुभाष पटेल ने बताया कि किसानों का तीन बार पंजीयन कराया गया। पहली बार ई-गोदावरी से और दो बार पोर्टल पर पंजीयन कराया गया। तीनों बार खसरा नंबर, भू-स्वामी और फसल को दर्ज कराया गया। इसके बाद अब भोपाल से सैटेलाइट से किसान के खेत में फसल नहीं लगा होना बताया जा रहा है। इससे किसान परेशान है, गेहूं नहीं खरीदा जाता है तो जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
डिप्टी कलेक्टर दिनेश सावले का कहना है कि किसानों से खेतों के सैटेलाइट सत्यापन नहीं होने की शिकायतें मिली है। इस समस्या का निराकरण करने का प्रयास किया जा रहा है।