खंडवा

महिला इंजीनियर्स से बदतमीजी, ड्राइवर को उठाकर फेंकने की धमकी, फिर जानिए क्या हुआ

मप्र के इस जिले में अतिक्रमण हटाने गए अमले के साथ ये सबकुछ हुआ।
2 min read
Jul 10, 2018
Nagar nigam khandwa Latest News in Hindi
Nagar nigam khandwa Latest News in Hindi

खंडवा. मप्र के खंडवा शहर के पड़ावा वार्ड के दूधतलाई क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पहुंचे निगम अमले को भारी विरोध झेलना पड़ा। निगम की सहायक यंत्री वर्षा घिडोडे, उपयंत्री रीना सिंह से बदतमीजी की गई तो वहीं ड्राइवर को धमकाया गया। इतना ही नहीं, अमले को रोकने के भी पूरे जतन किए गए। महापौर से लेकर अन्य जनप्रतिनिधियों तक को फोन लगाए, इंजीनियर्स की बात कराकर उन पर दबाव बनाने की कोशिशें की गईं। हालांकि इंजीनियर्स सहित निगम अमला डटा रहा और कब्जे हटाए गए। तीन घरों के सुविधाघर भी दस दिन में हटा लेने के अल्टीमेटम पर छोड़े गए हैं। सूचना पर डायल-100 सहित मोघट थाने का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। मौके पर उपयंत्री दिलीप मालवीय, अतिक्रमण दस्ता प्रभारी अजय सारसर, समयपाल विश्वेश्वर चौहान, आरिफ खान सहित अजय गीते, राकेश बिवाल, सचिन यादव, कपिल व अन्य पहुंचे थे।

एेसे चला पूरा घटनाक्रम...
- सुबह 11.15 बजे निगम अमले के मौके पर पहुंचते ही यहां लोगों की भीड़ जमा होने लगी, सिंघाड़तलाई जाने वाले रोड की तरफ से कब्जे तोडऩा शुरू किए गए, धीरे-धीरे विवाद बढऩे लगा।
- बुलडोजर से तीन मकानों के सामने से नाली पर किए गए निर्माण तोड़ते ही विवाद बढऩे लगा। कुछ लोगों ने इंजीनियर्स, जेसीबी ड्राइवर, टाइमकीपर व अतिक्रमण दस्ते से बहस शुरू कर दी।
- 13 मकानों पर निगम ने लाल निशान लगाए गए थे, इनमें से तीन मकान मालिकों द्वारा नाली के ऊपर कब्जा करके यहां सुविधाघर का निर्माण किया गया है, इन्हें 10 दिन का अल्टीमेटम दिया गया, शेष कब्जे तोड़ दिए गए।
- ईदगाह के पीछे एक टप्पर को हटाने का अल्टीमेटम भी दिया गया, वहां रह रहे लोगों ने निगम अमले के सामने तो कहा कि हम खुद ही हटा लेंगे लेकिन बाद में ताला लगाकर वो लोग यहां से चले गए।

गुरुवार को कब्जे चिह्नित कर लगाए थे निशान
सीएम हेल्पलाइन पर मो. हातिम द्वारा शिकायत किए जाने के बाद निगम अमला गुरुवार को इस क्षेत्र में पहुंचा था। यहां 8 से 10 फीट तक कब्जे मिले। इन्हें चिह्नित कर लाल निशान लगाए गए थे। साथ ही संबंधितों को समय दिया गया था कि वो खुद ही हटा लें, अन्यथा सख्ती से कार्रवाई करेंगे। शिकायतकर्ता का मुख्य बिंदु ये था कि कब्जों के चलते डे्रनेज सफाई सही नहीं हो पाती है।

अभी फोन आएगा तो हिल जाओगे
पड़ोसी के यहां का कब्जा तोडऩे पर मो. सलीम के यहां की शटर को नुकसान पहुंच गया। इस पर उन्होंने ऊंची आवाज में कहा कि कौन है प्रभारी। शटर का काम शुरू करा दो, 24 घंटे का अल्टीमेटम देता हूं पूरे स्टाफ को। इंजीनियर ने मौखिक आश्वासन दिया तो इन्होंने कहा कि मुझे लिखित में चाहिए। पावर देखा कहां है, अभी फोन आएगा तो हिल जाओगे। बाद में उपयंत्री दिलीप मालवीय पहुंचे तो लहजे में नरमी लाकर चर्चा की।

...नहीं तो फेंक दूंगा उठाकर
निगम के टाइमकीपर ने आरीफ खान ने जब कहा कि सैप्टिक टैंक को रोड के लेवल में लाना है तो युवक (सफेद शर्ट) ने कहा कि वो सब बाद में कर लेंगे। मैं भी गर्वमेंट सर्वेंट हूं। नियम मुझे भी पता है। अब इतनी शिकायत कराऊंगा कि परेशान कर दूंगा। हाईकोर्ट का नोटिस है, लेकिन अवैध कॉम्प्लेक्स नहीं टूटेंगे निगम से, यहां आ गए। जेसीबी ड्राइवर से युवक ने कहा कि चलाना हो तो सीधे चलाना, नहीं तो फेंक दूंगा उठाकर।

- मानवता के नाते रूकवाया
मेरे पास 3-4 लोग आए थे। उन्होंने कहा कि बारिश का सीजन है। 4-5 दिन में हम खुद ही हटा लेंगे। अब मैं जनप्रतिनिधि हूं, उनकी बात रखी। रूकवा दिया है।
सुभाष कोठारी, महापौर

Published on:
10 Jul 2018 12:08 pm