
खंडवा. नगर निगम परिषद के साधारण सम्मेलन की तारीख आखिरकार तय हो ही गई। सम्मेलन 13 जुलाई शुक्रवार सुबह 11 बजे से निगम सभागार में आहुत किया गया है। इस बहुप्रतीक्षित सम्मेलन की तारीख तय होने में ही कई पड़ाव आए हैं। अब सम्मेलन हंगामेदार होने की आशंका है। पार्षदों ने प्रश्नों की बौछार करने की तैयारी की है। विपक्ष के साथ ही सत्ता पक्ष के पार्षद भी पूरी तैयारी में है। निगम सचिव कमलंिसह रघुवंशी ने बताया कि पीठासीन अधिकारी रामगोपाल शर्मा की अध्यक्षता में सम्मेलन में सबसे पहले 30 अगस्त 2017 के कार्यवृत्त की पुष्टि की जाएगी। एक घंटे का समय प्रश्नकाल के लिए निर्धारित रहेगा।
...आयुक्त के घर पहुंच गए अध्यक्ष
सम्मेलन के लिए अध्यक्ष रामगोपाल शर्मा ने आवाज उठाई तो 29 जून को आयुक्त जेजे जोशी ने 11 जुलाई संभावित तारीख बताई। चूंकि सम्मेलन की सूचना सात दिन पहले जारी होती है और बुधवार रात तक भी एेसा नहीं हुआ तो गुरुवार सुबह अध्यक्ष ने आयुक्त के बंगले पर पहुंचकर चर्चा की। वहीं से महापौर सुभाष कोठारी को फोन लगाया गया। आयुक्त बैक डेट में सूचना जारी कर ११ को सम्मेलन कराने की बात कर रहे थे। विरोध उठने की आशंका देख इसे टाला।
ये हैं सम्मेलन के पांच विषय...
- राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप में अनुमानित व्यय राशि 20 लाख की स्वीकृति।
- सांस्कृतिक, सामाजिक, साहित्यिक व खेलकूद के लिए प्रतिवर्ष दिए गए अनुदान की स्वीकृति।
- खेल प्रतिभाओ को बढ़ाने व प्रतियोगिता कार्यक्रमों के लिए इंडोर स्टेडियम को खेल एवं युवा कल्याण विभाग को हस्तांतरित करने।
- नगर पालिक निगम खंडवा में कार्यरत समस्त स्थायी अधिकारी-कर्मचारियों को शासन निर्देशानुसार नियमानुसार सातवां वेतनमान का लाभ दिए जाने की स्वीकृति
- अनुमानित आय-व्यय पत्रक (बजट) वित्तीय वर्ष 2018-19 विचारार्थ व स्वीकृति किए जाने पर निर्णय।
इन मुद्दों पर हंगामे के आसार...
- परिषद सम्मेलन नहीं होने से वित्तीय वर्ष 2018-19 का बजट परिषद से स्वीकृत नहीं हुआ है।
- नर्मदा जल योजना में मीटर और नए कनेक्शन की दर पर रार है।
- अतिक्रमण पर कोई सख्त कदम नहीं उठे हैं।
- डिस्ट्रीब्यूशन लाइन व सड़कों की खुदाई को लेकर पार्षदों में आक्रोश है।
- स्टार रेटिंग के लिए शहर की तैयारी, अवैध कॉलोनियों को वैध किए जाने की प्रक्रिया पर सुस्ती।
- 30 अगस्त 2017 के कार्यवृत्त की प्रोसिडिंग में गड़बड़झाले की आशंका पर सवाल।
फैक्ट फाइल
13 जनवरी 2015 को इस परिषद ने ली थी शपथ
41 महीने का कार्यकाल पूरा हो चुका है अब तक
1956 के मप्र नगर पालिक निगम अधिनियम के अनुसार
02 महीने में साधारण बैठक का आयोजन होना अनिवार्य है
20 बैठकें अब तक होना चाहिए थी एक्ट के अनुसार
जानिए कब-कब सम्मेलन, क्या-क्या हुआ...?
- 6 अगस्त 2015 को परिषद का पहला सम्मेलन हुआ। जल कर 100 से बढ़ाकर 200 रुपए प्रति महीना किया।
- 25 अगस्त 2016 दूसरा सम्मेलन हुआ, ये भी बजट सम्मेलन। हंगामे के बीच बिना नए टैक्स व नई योजना के।
- 23 जून 2017 को हंगामे चलते स्थगित, 30 जून 2017 में सम्मेलन, यूजर्स चार्ज व सिटी ट्रांसपोर्ट फंड टैक्स बढ़े।
ये हैं पिछले सम्मेलन के मुख्य बिंदु...
- आय-व्यय पत्रक बजट वित्तीय वर्ष 2017-18 की स्वीकृति, सर्वसम्मत्ति से आंशिक संशोधन सहित स्वीकृति।
- डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के एवज में 10 रुपए प्रतिमाह यूजर चार्ज लिए जाने
- भवन निर्माण की अनुमति शुल्क के साथ ही शहरी परिवहन शुल्क लिए जाने।
- पं माखनलाल चतुर्वेदी बस स्टैंड स्थित दुकान क्र.1 की प्राप्त उच्चतम राशि एमआईसी द्वारा प्रदत्त स्वीकृति की पुष्टि।
- पंधाना रोड स्थित नव निर्मित कॉम्प्लेक्स के उच्चतम बोली की एमआईसी में प्रदत्त स्वीकृति की पुष्टि
- अनारक्षित वर्ग की शेष बची हुई दुकानें जिसमें तीन बार से अधिक निविदा निकालने के बाद नीलाम नहीं होने से वर्तमान एमआईसी द्वारा स्वीकृत अनारक्षित वर्ग में नीलामी की स्वीकृति।