
Khandwa News :मध्य प्रदेश में सरकारी सिस्टम की लगातार कार्रवाई के बावजूद सिस्टम में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताज़ा मामला सूबे के खंडवा जिले के पुनासा से सामने आया है, जहां इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने एक भ्रष्ट इंजीनियर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के उपयंत्री 61 वर्षीय अशोक गौतम को बुधवार को उन्ही के दफ्तर के तकनीकी कक्ष में 14 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया है। कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप है तो वहीं पूरे इलाके में ये मामला चर्चा का विषय बन गया है।
बताया जा रहा है कि, जिले के ग्राम धूलवाड़ा की सनावद तहसील में रहने वाले 40 वर्षीय ठेकेदार लखन राठौर ने साल 2024 में एनवीडीए पुनासा में एक सरकारी ठेका लिया था। उन्हें वहां चौकीदार कक्ष और जनरेटर कक्ष का निर्माण करना था। ठेकेदार ने करीब एक साल में अपना काम पूरा कर लिया। इसके बाद से वो अपने कार्य का भुगतान लेने के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। इसी बीच उनके साथ भ्रष्टाचार का यह खेल शुरू हुआ।
ठेकेदार लखन के अनुसार, कई चक्कर लगाने के बाद उन्हें 13 लाख रुपए का भुगतान तो मिल गया था, लेकिन कुछ बकाया राशि और उनका खुद का जमा किया हुआ सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस आना बाकी था। इसी राशि को पास करने की एवज में उपयंत्री अशोक गौतम ने उनसे 55 हजार रुपए रिश्वत की डिमांड की। परेशान आकर ठेकेदार ने 10 सितंबर 2026 को इंदौर लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय को इसकी गुप्त शिकायत दर्ज कराई।
कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए इंदौर लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय का कहना है कि, शिकायत मिलने के बाद हमने गुप्त रूप से इसका सत्यापन कराया। बातचीत में आरोपी द्वारा घूस मांगने की पुष्टि होने के बाद ही ट्रैप टीम का गठन किया गया और रंगे हाथों गिरफ्तारी की योजना बनी।
लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय के मार्गदर्शन और निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में एक ट्रैप टीम गठित की गई। आज बुधवार को योजनाबद्ध तरीके से ठेकेदार लखन राठौर रिश्वत की पहली किश्त के 14 हजार लेकर पुनासा कार्यालय पहुंचाया गया। जैसे ही उपयंत्री अशोक गौतम ने तकनीकी कक्ष में पैसे अपने हाथ में लिए, बाहर सादे कपड़ों में मुस्तैद लोकायुक्त टीम ने उन्हें रंगेहाथों दबोच लिया। फिलहाल, रिश्वतखोर इंजीनियर के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।