खंडवा

ओंकारेश्वर की नर्मदा का गहराई वाला राज खुला, 210 फीट नीचे मिले सिक्के और POP की प्रतिमाएं

-70 मीटर की गहराई तक पहुंचे प्रोफेशनल भोपाल के स्कूबा डाइवर -ऊपर 15 फीट तक पानी का रंग मटमैला, अंदर तलहटी में बिलकुल साफ, पीओपी की प्रतिमाएं भी मिली
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Oct 04, 2026
Omkareshwar Narmada River
खंडवा. मां नर्मदा की गहराई बताते प्रोफेशनल स्कूबा डाइवर यासिर हसीब।

तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में पहली बार मां नर्मदा की गहराई का पता लगाया गया है। ओंकारेश्वर पुराने झूला पुल के नीचे मां नर्मदा की गहराई 70 मीटर यानि 210 फीट करीब है। नीचे पानी निर्मल और बिलकुल साफ है। मां नर्मदा की गहराई नापने वाले प्रोफेशनल स्कूबा डाइवर के अनुसार ऊपरी सतह पर करीब 15 फीट तक पानी मटमैला है, जैसे-जैसे गहराई में जाते है वैसे-वैसे पानी साफ होता जाता है।

कुल 40 मिनट की डाइव रही नर्मदा में

गुरुवार दोपहर को भोपाल के प्रोफेशनल स्कूबा डाइवर डाइवर यासिर हसीब ने ओंकारेश्वर में मां नर्मदा की गहराई का पता लगाया। अंदाजा लगाया जा रहा था कि पुराने झूला पुल के नीचे मां नर्मदा की गहराई करीब 300-350 फीट है, लेकिन जब अंदर उतरे तो इसकी असली गहराई का पता चला। स्कूबा डाइवर यासिर हसीब ने बताया कि उनकी डाइव कुल 40 मिनट की रही।

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नर्मदा की गहराई में 15 मिनट रहे

दोपहर 2 बजे वह पानी में उतरे, गहराई तक जाने में करीब 10 मिनट लगे, नीचे 210 फीट पर पहुंचकर गहराई खत्म हो गई। गहराई में वे कुल 15 मिनट रहे, ऑक्सीजन खत्म होने से पहले वापस आना जरूरी था। ऊपर वापस आने में करीब 15 मिनट का समय लगा। ऑक्सीजन सिलेंडर की क्षमता 3 हजार पीएसआई (प्रेशर स्क्वायर एअर) होने से नर्मदा की गहराई में अधिक देर नहीं रुक पाए।

नीचे प्लेन जगह, पत्थरों पर कीचड़ भी नहीं

यासिर हसीब ने बताया कि नीचे पानी बिलकुल साफ और निर्मल है। यहां छोटी-छोटी चट्टाने भी है जिन पर शैवाल और छोटे पौधे लगे हुए है। इन पत्थरों पर मड यानि कीचड़ भी नहीं है। नर्मदा की तलहटी में बड़ी मात्रा में सिक्के भी पड़े हुए है और पीओपी की कुछ प्रतिमाएं भी मिली, साथ ही मां नर्मदा को अर्पित की गई चुनरियां भी दिखी। इसके अलावा वहां और कुछ नहीं मिला।

इसलिए हुई थी डाइव

यासिर हसीब ने बताया कि नर्मदा में किसी नाव का इंजन गिर गया था। जिसे निकालने के लिए मां रेवा मांझी नाविक संघ के भोलाराम केवट के द्वारा उन्हें इंजन निकालने के लिए बुलाया गया था। पहले नर्मदा में एंकर (लंगर) डालकर देखा तो वह 190 फीट पर जाकर रुक गया। अनुमान था कि करीब 350 फीट की गहराई हो सकती है, इसके बाद नीचे उतरे तो असली गहराई का पता चला।

Updated on:
04 Oct 2026 12:29 pm
Published on:
04 Oct 2026 12:29 pm