
Khandwa Panchayat Secretary Bribery Case: मध्यप्रदेश के रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त (Lokayukta Action) रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला खंडवा जिले का है जहां शुक्रवार को लोकायुक्त इंदौर की टीम ने एक ग्राम पंचायत सचिव को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।
खंडवा जिले के नाहल्दा गांव के रहने वाले लक्ष्मण सिंह चौहान ने 5 अक्टूबर 2026 को लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में नाहल्दा गांव के पंचायत सचिव कृष्ण देव पटेल के द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आवेदक ने बताया कि वो खंडवा जिले में संचालित प्राइवेट स्कूल के संस्थापक हैं। स्कूल का संचालन उनके बेटे के द्वारा किया जाता है। स्कूल का दो वर्ष का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है, जो कि लगभग 2 लाख 20 हजार रुपये है। इस प्रॉपर्टी टैक्स को कम करने के एवज में पंचायत सचिव कृष्ण पटेल ने 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की है।
लोकायुक्त टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर शुक्रवार (9 अक्टूबर 2026) को फरियादी लक्ष्मण सिंह को रिश्वत की पहली किस्त 25 हजार रुपये देने के लिए पंचायत सचिव के पास भेजा। पंचायत सचिव कृष्ण देव पटेल ने मेडिकल चौराहे के पास एक चाय की दुकान के सामने आवेदक से जैसे ही रिश्वत के 25 हजार रुपये लिए तो लोकायुक्त टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। ट्रैप दल में निरीक्षक प्रतिभा तोमर, आरक्षक आदित्य सिंह, रामेश्वर निगवाल, आशीष नायडू, कमलेश परिहार, सतीश यादव, श्रीकृष्ण अहिरवार शामिल रहे। लोकायुक्त टीम ने आमजन से अपील की है कि इंदौर संभाग में किसी भी अधिकारी/कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग करने पर लोकायुक्त पुलिस इंदौर के कार्यालय एवं दूरभाष 0731-2533160, 0731-2430100 पर भी सम्पर्क कर सकते हैं।