
खंडवा. रंगीन दुनियों में रंगों के अनुसार उत्साह, उमंग पूर्वक जीन को प्रयास करों, अगर एक बार भक्ति का रंग लग जाएगा तो सारे रंगों का समावेश होकर बैठे-बैठे सारी दुनिया दिखा देगा। रंगों से रंजायमना दुनिया में हर कोई रंगने का तैयार है क्योंकि इन रंगों का संबंध तुम्हारे शरीर से है। यह बात घासपुरा महावीर जैन मंदिर में प्रवचन देते हुए आचार्य डॉ. प्रणाम सागर महाराज ने व्यक्त किए।
महाराज ने कहा कि कुछ दिनों से कोरोना जैसी भयानक बीमारी से पूरा विश्व डरा हुआ है। यह बीमारी का वायरस सीधा मांसाहार से जुड़ा है और इसी कारण इस बीमारी की शुरुआत हुई है। चीन से शुरू हुआ कोरोना अब भारत में भी हलचल मचा रहा है। हम देख रहे हैं कि दिन प्रतिदिन इस बीमारी को लेकर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं, मेले पर प्रतिबंध, अन्य कार्यक्रमों पर प्रतिबंध, धारा 144 लगाकर इस बीमारी को रोकने के प्रयास हो रहे हैं। मेरा मानना है कि सदैव शाकाहारी, सदाचारी बने रहे, कभी भी ऐसी बीमारी हमारे नजदीक भी नहीं आएगी। इस बार होली पर रंगों के साथ होली न खेले क्योंकि कहीं न कहीं चाईनीज रंग और पिचकारी बाजार में उपलब्ध है और हम इस बीमारी का शिकार न हो जाएं। सूखी गुलाल की होली के साथ हम प्रभु के नजदीक बैठ कर अभिषेक व शांतिधारा देख कर रंगों का यह त्योहार मनाए।
समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि 22 फरवरी को आचार्य प्रणाम सागर महाराज का नगर में आगमन हुआ था। इन पंद्रह दिनों में आचार्य ने जैन समाज ही नहीं सर्व समाज की खुशहाली व सुख समृद्धि के लिए अलग-अलग स्थान जेल, स्कूल, गौरीकुंज, नवकार नगर, सराफा धर्मशाला, कोर्ट परिसर में जाकर प्रवचनों के माध्यम से धर्म प्रभावना की। आचार्य प्रणाम सागर महाराज ऊन सिद्धक्षेत्र में आयोजित दो दिवसीय मेले में धर्म प्रभावना के लिए सोमवार सुबह 5.30 बजे संत निवास घासपुरा से पदयात्रा करते हुए विहार करेंगे। आहारचर्या छैगांवमाखन में होगी।