
जिले में विकास कार्यों को स्वीकृति मिल रही है, जो कि अच्छी बात है, लेकिन इन विकास कार्यों का श्रेय लेने की होड़ जनप्रतिनिधियों में मची हुई है, जो कि जन चर्चा का विषय बन गई है। प्रदेश सरकार द्वारा अमरावती रिंग रोड के रूप में नहाल्दा-भंडारिया से कृषि अनुसंधान केंद्र तक 5.40 किमी रोड के लिए 25.67 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इस सौगात को खंडवा विधायक कंचन तनवे और महापौर अमृता अमर यादव ने अपनी-अपनी उपलब्धि बताई है।
शहर में भारी वाहनों के निकलने से यातायात जाम की स्थिति हर दिन बन रही है। लंबे समय से रिंग रोड-बायपास की मांग खंडवावासी करते आ रहे है। रिंग रोड बायपास के विकल्प के रूप में देशगांव-रूधि बायपास बन रहा है। सिरपुर-टिठिया जोशी रोड प्रस्तावित है। अब इसके आगे के बायपास रूप में नहाल्दा-कृषि अनुसंधान केंद्र के पास से बनने वाला रोड भी स्वीकृत हो गया है। इस मार्ग के बनने से अमरावती की ओर से आने वाले वाहन सीधे नहाल्दा, रूधि होते हुए इंदौर, हरसूद की ओर जा सकेंगे, जिससे शहर को भारी वाहनों से निजात मिलेगी। भू अर्जन की कार्रवाई के बाद इसकी टेंडर प्रक्रिया होगी।
खंडवा विधायक कंचन तनवे ने इस रोड को मिली स्वीकृति को अपनी उपलब्धि बताया है। लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह द्वारा जारी स्वीकृति पत्र विधायक को संबोधित करते हुए लिखा गया है। इसके लिए विधायक ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पीडब्ल्यूडी मंत्री का आभार मानते हुए विधानसभा के विकास को अपनी प्राथमिकता बताया है। विधायक ने कहा कि उनकी मांग पर शहर सहित विधानसभा क्षेत्र में सरकार द्वारा कई सौगात दी गई है, जो भविष्य में भी जारी रहेगी।
महापौर अमृता अमर यादव ने बताया कि इस महत्वपूर्ण जनहितैषी परियोजना के लिए उन्होंने जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री को विस्तृत पत्र प्रेषित कर सडक़ निर्माण की मांग की थी। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा इस विषय को गंभीरता से लेते हुए 11 जुलाई 2024 को संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए गए। तत्पश्चात 22 जुलाई 2024 को नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा 30 जुलाई 2024 को संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा संबंधित अधिकारियों को प्रकरण पर उच्च प्राथमिकता से नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए गए।
महापौर ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का श्रेय लेना नहीं, बल्कि खंडवा के विकास कार्यों को गति देना है। महापौर ने कहा कि जनहित से जुड़े कार्य किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की उपलब्धि होते हैं। फिर भी यह तथ्य अभिलेखों में स्पष्ट रूप से दर्ज है कि इस परियोजना की पहल, स्वीकृति के लिए पत्राचार एवं शासन स्तर पर निरंतर अनुसरण उनके द्वारा किया गया, जिसके परिणामस्वरूप यह महत्वपूर्ण स्वीकृति प्राप्त हुई। इसलिए इस विकास कार्य के वास्तविक तथ्यों एवं दस्तावेजों का सम्मान किया जाना चाहिए।