
तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में श्रावण के पहले दिन गुरुवार को हुई तेज बारिश के बाद ज्योतिर्लिंग मंदिर के गर्भगृह में बारिश और नाले का पानी पहुंच गया। गुरुवार सुबह दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं एवं मंदिर के पुजारियों ने गर्भगृह में भरे पानी का वीडियो बनाकर प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए और नाराजगी व्यक्त की। घटना के फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के पास जूना महल क्षेत्र में चल रहे निर्माण एवं विस्तार कार्य के कारण ड्रेनेज व्यवस्था प्रभावित हो गई है। आरोप है कि आसपास की नालियां और जल निकासी मार्ग क्षतिग्रस्त और अवरुद्ध होने से वर्षा का पानी सीधे सुखदेव मुनि द्वार की ओर से मंदिर परिसर में प्रवेश कर गर्भगृह तक पहुंच गया। हालांकि गर्भगृह में लगाए गए कांच के अवरोध (ग्लास बैरियर) के कारण पानी ज्योतिर्लिंग तक नहीं पहुंच सका। घटना के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर की जल निकासी व्यवस्था में शीघ्र सुधार करने तथा जिम्मेदार अधिकारियों से स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
सुबह मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे पंडितों ने गर्भगृह में नाली का गंदा पानी देखा तो नाराजगी जताई। कुछ पंडितों ने इसके वीडियो भी बनाए और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिए। जिसके बाद देशभर के भक्तों ने ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाना शुरू कर दिए। पंडितों का कहना था कि दो माह से जूना महल निर्माण के कारण नालियां चोक है, जिससे पहले ही ऐसी कुछ घटना का अंदेशा था। प्रशासन ने मलबा नहीं हटवाया, जिसके कारण यह स्थिति बनी और लोगों की भावनाएं आहत हुई है।
इस मामले श्रीजी मंदिर ट्रस्ट ओंकारेश्वर के प्रबंध ट्रस्टी राव पुष्पेंद्रसिंह ने बताया कि दो माह से जूना महल निर्माण का काम बंद पड़ा है, जिसके मलबे से नालियां चोक होने के कारण ये स्थिति बनी है। एसडीएम को पहले ही जानकारी दे दी थी, लेकिन ठेकेदार के काम छोड़ कर चले जाने से मलबा नहीं हट पाया था। सुबह जानकारी मिलते ही मलबा साफ करवाकर पानी बाहर निकाला है। अब सारी व्यवस्थाएं ठीक कर ली गई है।