पीएमश्री सूरजकुंड स्कूल में लगे पुस्तक मेले का बुधवार को दूसरा दिन रहा। यहां व्यवस्थाएं सुधरने की बजाए ओर अधिक बिगड़ गई। विक्रेता बिना पुस्तक व कॉपी का स्टॉक के मेले में स्टॉल लगाकर बैठें है। अभिभावक आने पर कहा जा रहा है दो बुक है, अभी सारी पुस्तकें उपलब्ध नहीं है। कुछ धीरे से उन्हें कार्ड थमाकर शाम में दुकान पर आकर पुरा सेट ले जाने के लिए भी कहते रहे।
पुस्तक मेले में अब छह स्टॉल रह गए हैं। मेले में एक ही स्थान पर कम दाम में पुस्तक व कॉपियां लेने आने वाले अभिभावक अब खुद को ठगा सा महसूस करने लगे है। दरअसल मेले के दूसरे दिन बुधवार को अभिभावक अधिकारियों से शिकायत करते रहे। उन्होंने कहा कि मेले में पुस्तक नहीं है कहा जा रहा है दो तीन बाद आना या एक सप्ताह भी लग सकता है। मेला 5 अप्रेल तक मेला हैं। दुकानदार जानबूझकर मेले के बाद की तारीख दे रहे हैं इससे की अभिभावक दुकान से खरीदी करे।
उनकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अपर कलेक्टर अंशू ज्वाला ने बैठक ली। उन्होंने विक्रेताओं को कहा स्टॉल पर पुरा स्टॉक रखे, जितना वे अपनी दुकान में रखते हैं। अभिभावकों को एक ही जगह पुस्तक व कॉपी मिलना चाहिए। इसके बाद रमसा प्रभारी संगीता सोनवने ने सभी स्टॉलों का स्टॉक चेक किया है।
पुस्तक मेले को लेकर विक्रेताओं में रूचि नहीं है। वे मेले में आ रहे अभिभावकों को टाल कर अपनी दुकान का कार्ड थमा रहे हैं। इससे मेले में उनके स्टॉलों पर जितनी भीड़ नहीं रहती है उससे कहीं अधिक शाम को उनकी दुकानों पर लग रही है। तीन पुलिया के पास सरस्वती बुक डिपो पर शाम में अभिभावकों की भारी भीड़ रही। पुस्तकों के लिए अपनी बारी का इंतजार करते रहे। यहीं हाल केवलराम चौराहे पर पुस्तकों की दुकानों पर रहा। यहां भी सभी दुकानों पर पुस्तक खरीदने के लिए अभिभावक पहुंचे।
- अजेंद्र भारद्वाज ने बताया कि भंडारी स्कूल की एक भी बुक नहीं मिल रही है। उन्होंने सभी 6 स्टॉल घूम लिए, कहीं भी बुक नहीं हैं। विक्रेताओं का कहना है उनके पास अभी तक सूची नहीं आई है।
विष्णू जायसवाल का कहना है कि मेले में 7वीं कक्षा आधी बुक ही मिली है। कहा जा रहा है कि अभी इतनी लेकर जाओ बाकी तीन चार दिन बाद आ जाना। ऐसे में अभिभावकों को परेशान होना पड़ रहा है।