
Software engineer dies:मध्यप्रदेश के खंडवा जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई जिसने उसे सुना उसका कलेजा कांप गया। बीते दिन बाइक फिसलने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर अरविंद की मौत हो गई। बताया जा रहा है अरविंद की सगाई हो चुकी थी। करीब चार महीने बाद उसकी शादी होनी थी लेकिन नियति को तो कुछ और ही मंजूर था।
घर के जवान बेटे के जाने के बाद से परिवार में कोहराम मच गया है। मां-बाप ने एक-एक पैसा जोड़कर दोनों बेटों को पढ़ाया था कि बड़े होंगे तो सहारा बनेंगे लेकिन एक हेलमेट न पहनने की गलती अरविंद के लिए भारी पड़ गई।
अरविंद के मामा हीरालाल ने बताया कि अरविंद पुणे की एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। उसने इंदौर के एक निजी कॉलेज से इंजीनियरिंग की थी। पिछले कुछ समय से वह खंडवा में कमरा लेकर वर्क फ्रॉम होम कर रहा था। साथ में छोटा भाई अनिल पंधाना में पटवारी है, वह उसके साथ ही रहता था।
बताया जा रहा है कि अरविंद और अनिल दोनों भाईयों की सगाई हो गई थी। दीपावली पर देव उठनी ग्यारस के बाद दोनों की शादी होने वाली थी। शादी को करीब चार माह ही बचे थे। इससे पहले अरविंद की मौत से परिवार पर मातम छा गया। बताया जाता है कि अरविंद के पिता ट्रक ड्राइवर हैं। उन्होंने कड़ी मेहनत से अरविंद और अनिल को पढ़ाया था। विवाह की तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं, लेकिन इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
अरविंद अपने गांव बांगरदा आ गया था, लेकिन लैपटॉप को खंडवा में ही किराए के मकान में भूल गया था। इसलिए वह लैपटॉप लेने खंडवा जा रहा था। परिवार वालों का कहना है कि अरविंद हेलमेट का उपयोग करता था लेकिन सोमवार को जल्दबाजी वह हेलमेट भूल गया। इधर उसके पिता राजाराम ट्रक लेकर उज्जैन जा रहे थे। इस बीच बेटे की मौत की सूचना मिलने पर वह आधे रास्ते से वापस घर लौटे।
पुनासा हाइवे पर सुबह दुर्घटना में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई। इंजीनियर का शव मूंदी थाना क्षेत्र में गोंदखेड़ा के जंगल में सड़क किनारे मिला। मौके पर बाइक फिसलने के निशान मिले हैं। मूंदी पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना की जांच शुरू की। घटना की जानकारी लगते ही सुबह मूंदी थाने से पुलिसकर्मी घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। शव की पहचान सॉफ्टवेयर इंजीनियर अरविंद पिता राजाराम सिसोदिया (28) निवासी बांगरदा के रूप में हुई है। यहां जिला अस्पताल में मरच्यूरी रूम के सामने परिवार वालों की भीड़ रही।