खंडवा

दादाजी भक्तों का अनोखा संकल्प… पैरों पड़ गए छाले, फिर भी होंठों पर भज लो दादाजी का नाम…

-दादा धाम एक्सप्रेस के लिए 360 किमी की पांढुर्ना से खंडवा तक नंगे पांव पदयात्रा -कालीघोड़ी के जंगल तक पहुंचे निशान यात्री, 27 जुलाई को आएंगे खंडवा
2 min read
Jul 26, 2026
DADAJI DHAM KHANDWA
खंडवा. श्री दादाजी महाराज के चरणों में निशान अर्पित करने निकले पांढुर्ना के श्रद्धालु। इनसेट : श्रद्धालुओं के पैरों में पड़े छाले।

गुरु पूर्णिमा पर्व पर यूं तो दादाजी भक्तों के जत्थे नंगे पैर निशान लेकर खंडवा आते है, लेकिन इस बार पांढुर्ना से निकला एक जत्था अनोखे संकल्प के साथ आ रहा है। दादा धाम एक्सप्रेस ट्रेन को पुन: शुरू करने की अर्जी लगाने करीब 23 भक्तों का जत्था नंगे पैर निशान लेकर खंडवा आ रहा है। अच्छे-खराब रोड से गुजरते हुए दादाजी भक्तों के पैरों में छाले तक पड़ गए है, लेकिन होंठों से बस एक ही नाम श्री दादाजी का निकल रहा है।

पांढुर्ना से निकला है 30 श्रद्धालुओं का जत्था

पांढुर्ना से 17 जुलाई को श्री दादाजी दरबार खंडवा के लिए 30 पदयात्रियों का जत्था निकला हुआ है। प्रतिदिन औसतन 40 किमी का सफर पैदल करते हुए श्रद्धालु भज लो दादाजी का नाम, भज लो हरिहरजी का नाम जपते हुए हर कठिनाई को सहते हुए आगे बढ़ रहे है। यूं तो 15 साल ये भक्त निशान लेकर आ रहे है, लेकिन इस बार निशान के साथ एक संकल्प भी है कि कोरोना काल में बंद हुई दादा धाम एक्सप्रेस पुन: शुरू हो। इसके लिए भक्त गुरु पूर्णिमा पर दादाीज महाराज को निशान अर्पित कर समाधि पर माथा टेककर ट्रेन पुन: शुरू कराने की अर्जी गुरु चरणों में समर्पित करेंगे।

काली घोड़ी के माता मंदिर में हुआ स्वागत

पांढुर्ना के दादाजी भक्तों की यात्रा करीब 270 किमी का सफर सात दिन में तय कर चुकी है। शुक्रवार को यात्रा कालीघोड़ी के जंगल स्थित माता मंदिर पहुंची। यहां मुनि पंकज महाराज हिन्दुस्थानी फक्कड़ संत उदासीन अखाड़ा काली घोड़ी द्वारा यात्रियों का स्वागत किया गया। यहां से अब करीब 90 किमी का सफर ओर बाकी है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 27 जुलाई को श्रद्धालु खंडवा पार्वतीबाई धर्मशाला में विश्राम करेंगे। इसके पश्चात बैंड-बाजे, नगाड़ों, झांझ एवं गुलाल के साथ दादाजी महाराज की समाधि पर निशान अर्पित करने निकलेंगे।

निशान पदयात्रा में शामिल श्रद्धालु

नर्मदा परिक्रमा वासी शंकर महाराज, बालू मामा पराडकऱ, मनोज गुडधे, गोलू ठाकुर, शशिकांत आंबुलकर, उमेश बरगट, विवेक चौतरे, जितु तिडक़े, मयंक पराडकऱ, शांतनु जुननकर, हितेश केंवटे, सचिन टेटे, गौरव वानखड़े, शुभम खरवड़े, आशु आखरे, रवि खोड़े, चेतन हेडाऊ, कुणाल पालीवाल, मनोज निनावे, जितेंद्र गिरडकर, हरि महाराज अंधारे, संदीप ढहारे एवं टिंकू बोबडे सहित अनेक श्रद्धालु शामिल हैं।

Updated on:
26 Jul 2026 12:04 pm
Published on:
26 Jul 2026 12:04 pm