खरगोन

ASI चुपके से ले रहा था ‘7000’ की रिश्वत, फिल्मी स्टाइल में आ गई लोकायुक्त टीम

MP News: महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश पर प्रदेशभर में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

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Mar 27, 2026
ASI Arrested (Photo Source - Patrika)

MP News: मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। जानकारी मिली है कि कसरावद थाने में पदस्थ एक कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया है। आरोपी पुलिसकर्मी शिकायत के निराकरण के नाम पर आवेदक से रिश्वत की मांग कर रहा था। लोकायुक्त टीम की इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

लोकायुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश पर प्रदेशभर में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

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दर्ज कराई थी शिकायत

इसी क्रम में ग्राम चंदावड, तहसील भगवानपुरा, जिला खरगोन निवासी 69 वर्षीय किसान श्यामलाल उपाध्याय ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि कसरावद निवासी राजेश बागदरे ने उनके खिलाफ कसरावद थाने में जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की थी। आरोप है कि इस शिकायत का निराकरण करने और मामले में राहत देने के नाम पर कसरावद थाने में पदस्थ कार्यवाहक एएसआई रवीन्द्र कुमार गुरू ने उनसे 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी।

लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा

श्यामलाल उपाध्याय ने रिश्वत देने के बजाय इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से की। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद 27 मार्च 2026 को लोकायुक्त की विशेष टीम का गठन किया गया। सारा मामला समझने के बाद योजना के अनुसार आवेदक को आरोपी से मिलने के लिए भेजा गया। जब आरोपी एएसआई रवीन्द्र कुमार गुरू कसरावद बस स्टैंड पर आवेदक से 7 हजार रुपए की रिश्वत ले रहा था, उसी दौरान फिल्मी स्टाइल में लोकायुक्त टीम ने अचानक से पहुंचकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के कब्जे से रिश्वत की राशि भी बरामद की गई।

तुरंत शुरु की गई आगे की कार्रवाई

लोकायुक्त ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस ट्रैप कार्रवाई में कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया, कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, विवेक मिश्रा सहित आरक्षक विजय कुमार, शिवप्रकाश पाराशर और आशीष नायडू शामिल रहे।

लोकायुक्त संगठन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत लोकायुक्त कार्यालय को दें, ताकि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

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Updated on:
27 Mar 2026 01:30 pm
Published on:
27 Mar 2026 01:29 pm
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