MP News: एमपी के आदिवासी क्षेत्र में 108 एंबुलेंस का चौंकाने वाला दुरुपयोग सामने आया है। पुलिस ने बेरिकेट्स तोड़कर भागी एंबुलेंस से 52 पेटी अवैध शराब जब्त की है।
Illegal liquor smuggling: 108 एंबुलेंस जैसी सुविधा शुरु करने के पीछे मकसद है कि जरूरतमंदों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जाए, उन्हें उपचार देकर जान बचाई जाए। मगर खरगोन जिले के आदिवासी क्षेत्र झिरन्या में इस सुविधा का दुरुपयोग हो रहा है। इसका ताजा उदाहरण बीती रात उस समय देखने को मिला जब सर्चिग के लिए तैनात पुलिस टीम को एक एंबुलेंस में बड़ी मात्रा में अवैध शराब मिली। यानी यह वाहन मरीजों को छोड़ने के बजाय शराब ढोने के काम में लगा था। एंबुलेंस में 52 पेटी अवैध शराब पुलिस ने जब्त की है।
इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मचा है। इस बड़ी लापरवाही के बाद एंबुलेंस सुविधा का संचालन करने वाले वेंडर को हटाया है। मैनेजर सहित स्टॉफ सदस्यों की सेवा समाप्त की है। पुलिस चौकी प्रभारी रमेश गहलोत ने बताया गत रात्रि मुखबिर से सूचना मिली कि एंबुलेंस वाहन में शराब तस्करी हो रही है। इसके आधार पर पुलिस ने सर्चिग पाइंट लगाया। (mp news)
इसी बीच एक एंबुलेंस चित्तौडगढ़-भुसावल राष्ट्रीय राजमार्ग पर 108 एंबुलेंस (108 ambulance) क्रमांक सीजी 04 एनडब्यलू 2355 आती दिखी, जो चिरिया की ओर जा रही थी। पुलिस ने चौकी पर बेरिकेटिंग लगाकर वाहन को रोकने का प्रयास किया। लेकिन चालक ने बेरिकेट्स तोड़ते हुए वाहन को आगे बढ़ाया।
पुलिस ने उसका पीछा किया और आगे चलकर वाहन को अपने कब्जे में लिया। एंबुलेंस का चालक मौका पाकर फरार हो गया। वाहन की जांच की तो उसमें 52 पेटी शराब मिली। इसमें 34 पेटी गोवा व्हिस्की, 15 पेटी बियर और दो पेटी बांबे विस्की थी। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।
मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित स्टाफ, वेंडर की सेवाएं प्रभाव से समाप्त की है। संस्था ने पायलट, जिला अधिकारी एवं असिस्टेंट कॉल सेंटर मैनेजर को सेवा से मुक्त किया है। संबंधित जननी एंबुलेंस वेंडर का टेंडर निरस्त कर दिया है। हमारी संस्था किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधि का समर्थन नहीं करती है। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता जनता को सुरक्षित, विश्वनीय और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देना है। - तरुण सिंह, सीनियर मैनेजर, मध्य प्रदेश, 108 एंबुलेंस सेवा, भोपाल
जानकारी के मुताबिक एंबुलेंस में भरी यह शराब मंडलेश्वर क्षेत्र की बताई जा रही है। जिस स्थान पर पुलिस ने सर्चिग के दौरान यह वाहन पकड़ा वह इलाका महाराष्ट्र बॉर्डर से लगा है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जननी एक्सप्रेस के ठेकेदार पुलिस महकमे के इर्द-गिर्द चक्कर काटते रहे। हालांकि पुलिस ने शराब की जब्ती कर संबंधित वाहन को हेलापड़ावा चौकी पर पुलिस अभिरक्षा में खड़ा कराया है।
हेलापड़ावा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के साथ महाराष्ट्र बॉर्डर से लगा है। यहां अवैध धंधे रुकने का नाम नहीं ले रहे। कभी गोवंश, कभी अवैध हथियारों की तस्करी हो रही है। अवैध शराब माफिया, जुआ-सट्टा आदि अवैध काम सक्रिय है। हाल ही में बड़ी मात्रा में गांजा भी पुलिस ने बरामद किया था। (mp news)