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करेेले की फसल ने बिगाड़ा किसानों का गणित…आकार रहा छोटा, पड़ रहा पीला

खरगोन

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Gopal Joshi

Feb 05, 2026

Bitter gourd crop has ruined farmers' calculations...small size, turning yellow

खराब फसल दिखाते किसान।

खरगोन.
क्षेत्र में बीएएसएफ कंपनी की रोबस्टा किस्म के करेले के बीज से की गई खेती किसानों के लिए आर्थिक संकट का कारण बन गई है। हालात यह हैं कि फूल आने के बावजूद करेले का फल विकसित नहीं हो रहा। फल छोटा रहकर पीला पड़ जाता है, जमीन पर गिर रहा है, जिससे उत्पादन लगभग समाप्त हो गया है।
धरगांव सहित आसपास के गांवों के किसानों ने बताया कि करेले की फसल को पूरी वैज्ञानिक पद्धति से लगाया था। खेतों में मल्चिंग बिछाई, बांस, तार और रस्सियों से मजबूत सहारा तैयार किया, ड्रिप सिंचाई की व्यवस्था की। समय.समय पर खाद , कीटनाशकों का छिडक़ाव किया। इसके बावजूद फसल से किसी प्रकार का संतोषजनक उत्पादन नहीं मिल रहा है। किसान भगवान अंबाराम पाटीदार ने बताया उन्होंने कसरावद की नर्सरी से 25 अक्टूबर 2025 को बीएएसएफ कंपनी की रोबस्टा किस्म के पौधे लाकर रोपाई की थी। रोपाई को अब 80 से 90 दिन बीत चुके हैं। पौधों पर भरपूर फूल आए, लेकिन फल विकसित नहीं हुआ, जो फल आया, वह छोटे आकार का होकर पीला पड़ गया। टूटकर जमीन पर गिर गया। किसानों का कहना है कि इस स्थिति में खेतों से एक भी बाजार योग्य करेला नहीं निकल पा रहा है, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

प्रति एकड़ एक लाख से अधिक खर्च

भगवान पाटीदार ने बताया उन्होंने तीन बीघा में करेले की खेती की, जिसमें करीब 2.50 लाख से अधिक की लागत आ चुकी है। अन्य किसानों का कहना है कि प्रति एकड़ एक लाख से अधिक खर्च हो चुका है। अभी तक लागत का एक बड़ा हिस्सा भी नहीं निकल पाया। किसानों ने बताया फसल सामान्य उत्पादन देती, तो एक बीघा से लगभग 3 लाख तक की आमदनी संभव थी।

20-30 गांवों में फैली समस्या

धरगांव, सुलगांव, नांद्रा, करौंदिया, मोगावा, झापड़ी, छोटी खरगोन, इटावदी सहित करीब 20 से 30 गांवों के किसान इस समस्या से प्रभावित बताए जा रहे हैं। सैकड़ों किसानों की आजीविका पूरी तरह इसी फसल पर निर्भर थी। फसल खराब होने से किसानों के सामने कर्ज चुकानेए घर खर्च और आगामी खेती को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

कृषि व उद्यानिकी विभाग में की गई शिकायत

पीडि़त किसान भगवान अंबाराम पाटीदार, रामेश्वर घीसालाल राणा, रूपेश पाटीदार पथराड़, राजेश पाटीदार सुलगांव सहित अन्य किसानों ने कृषि विभाग एवं उद्यानिकी विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। इसक अलावा उन्होंने 27 जनवरी को जनसुनवाई में भी आवेदन देकर मुआवजा राशि दिलाने, दोषपूर्ण बीज की जांच कराने व बीज के विक्रय पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इस संबंध में बीएएसएफ कंपनी के क्षेत्रीय अधिकारी रवींद्र वरफा ने बताया बीते एक माह से लगातार तापमान में गिरावट आने के कारण करेले पर विपरीत असर पड़ा है। तापमान में सुधार होते ही उत्पादन में सुधार आने की संभावना है।

बनाया है पंचनामा

-जिन खेतों का निरीक्षण किया वहां बीएएसएफ रोबस्टा किस्म की फसल में फल पीला पडकऱ गिरने की समस्या पाई गई है। किसानों की समस्या को देखते हुए पंचनामा तैयार कर वरिष्ठ कार्यालय को अवगत कराया है, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। -हरिओम पटेल, ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी, उद्यानिकी विभाग