
Nilofer Case Update: मध्य प्रदेश के खरगोन शहर में पिछले दो दिनों से एक महिला की रहस्यमई मौत का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। शहर के मोतीपुरा के समीप स्थित मुस्लिम कब्रस्तान में 15 अगस्त को दफनाया 29 वर्षीय महिला का शव दूसरे ही दिन रविवार को कब्र से निकाला गया। मायके पक्ष की शिकायत पर पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई। मायके वालों ने मृतिका के पति पर हत्या का आरोप लगाते हुए संदिग्ध मौत करार देते हुए जांच की मांग की थी। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है।
पुलिस से मिली जानकारी अनुसार शहर के मोहन टॉकिज निवासी निलोफर पति नईम की रविवार को मौत हो गई थी। निलोफर ने 15 अगस्त को एसिड पी लिया था, तबीयत बिगडने पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतिका के मृतक निलोफर भाई फरहान शेख ने बताया बहन निलोफर की शादी को 9 साल हो गए हैं। जीजा नईम और बहन दोनों की यह दूसरी शादी है। फरहान ने आरोप लगाया कि नईम ने पहली बीवी से तलाक होने की जानकारी देकर दूसरा निकाह किया था, लेकिन निकाह के बाद भी दूसरी पत्नी के संपर्क में था। इसी के चलते दोनों के बीच विवाद होते थे।
परिजनों ने आरोप लगाया कि मृतिका के शरीर पर जगह-जगह चोट के निशान है। उनका आरोप है कि नईम आए दिन मारपीट करता था। पति-पत्नी के बीच का विवाद जानकारी परिवार ने हस्तक्षेप नहीं किया। परिवार का आरोप है की निलोफर शिक्षित होकर निजी स्कूल में पढ़ाती भी थी, वह ऐसा घातक कदम नहीं उठा सकती। उनका आरोप है कि पति ने उसकी जान ली है। परिवार ने आरोप लगाया कि 15 अगस्त को जब निलोफर की मौत हुई तो, मायके पक्ष को धोखे में रखकर अस्पताल के कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए और जल्दबाजी में उसके दफना दिया।
खरगोन थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार सिरसाठ ने बताया कि 15 अगस्त की सुबह निलोफर पत्ति नईम ने एसिड पीया था, उसे निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया था। पुलिस ने सूचना मिलने पर महिला के कथन लेने चाहे लेकिन वह बात करने की हालत में नहीं थी। हालत बिगडने पर इंदौर ले जाते समय महिला की मौत हो गई। शाम के समय ससुराल एवं मायके पक्ष ने सहमति जताते हुए अंतिम संस्कार कर दिया था। रविवार को मायके पक्ष ने मौत पर संदेह जताते हुए जांच की मांग की। परिजनों का आरोप है कि बेटी की हत्या की गई है। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है। इसके बाद एसडीएम के आदेश पर तहसीलवार की मौजूदगी में कब्र सुचवाई गई। इसके बाद शव का पीएम कराया जा रहा है।
मायके पक्ष के लोग मृतिका की मौत के बाद एक 7 वर्ष के बेटे और 3 वर्ष की बेटी, डेढ़ साल के बच्चे की परवरिश को लेकर भी चिंतित नजर आए। मायके वालों का कहना है कि यदि हत्या साबित होती है, तो बच्चे को न्याय मिलना चाहिए।