खरगोन. जिले की बेडिय़ा पुलिस ने सराफा कारोबारी को नकदी सोना थमाकर धोखा देते हुए 17 लाख नकद व तीन लाख के आभूषण ले जाने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के दो बदमाशों को पकड़ा है। ठगी की यह साजिश शातिर बदमाशों ने प्लान के साथ रची और उसे अंजाम भी दिया। आरोपियों ने पहले कारोबारी से दोस्ती की, भरोसा जीता और मौका पाकर लाखों की ठगी को अजाम दिया था।
खरगोन. बेटी की शादी करने की बेबसी बताकर हरियाणा व राजस्थान के दो शातिर बदमाशों ने बेडिय़ा के एक सराफा व्यापारी को नकदी आभूषण थमाए और बदले में 17 लाख रुपए नकद व तीन लाख के असली आभूषण चुराकर रफुचक्कर हो गए। अंतर्राज्यीय गिरोह के इन बदमाशों को पकडऩे के लिए पुलिस ने शहर-शहर खाक छानी। आखिरकार बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़ गए। उनके कब्जे से ठगी के 17 लाख रुपए नकद व आभूषण पुलिस ने बरामद किए हैं। इस पूरी धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए शातिर बदमाशों ने पहले सराफा व्यापारी का भरोसा जीता। तीन-चार बार दुकान से खरीदी भी की। पुलिस कंट्रोल रूम में एसपी डॉ. रविंद्र वर्मा ने गुरुवार को मामले का खुलासा किया है।
एसपी ने बताया 28 नवंबर 2025 को बेडिय़ा स्थित सोम्य ज्लेलर्स के संचालक दीपक मुछाल ने पुलिस को बताया कि 27 नवंबर को उत्तरप्रदेश के मथूरा जिले के जौनाई थाना जेत निवासी धर्मेन्दर पिता राजवीर व हरियाणा जिला गुडग़ांव के सताजना निवासी बिजेन्द्र पिता राजकुमार दुकान पर आए। दोनों ने पूर्व में भी तीन-चार बार इसी ज्वेलर्स से आभूषणों की खरीदी की थी। उन्होंने बताया कि बेटी की शादी के लिए सोने, चांदी के जेवर व नकदी दस लाख की जरूरत है। दोनों के पास 230 ग्राम वजनी 23 सोने की पुतलियां थी, जिनके बदले दीपक मुछाल ने उन्हें तीन लाख के सोने-चांदी के आभूषण एवं 17 लाख रुपए नकदी दिए। दोनों शख्स ने व्यापारी को भरोसा दिया कि 10 दिन में वे 23 सोने की पुतलियों को रुपए जमा कर ले जाएंगे। उनके जाने के बाद व्यापारी ने 23 सोने की पुतलियों की जांच कराइ तो उसकी आंखें फटी रह गई। यह नकली सोना निकला। दोनों व्यक्तियों की तलाश भी की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा तो थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई।
एसपी ने बताया ठगी की इस घटना को उजागर करने के लिए एएसपी ग्रामीण शकुंतला रुहल, बड़वाह एसडीओपी अर्चना रावत के मार्गदर्शन व बेडिय़ा टीआई धर्मेन्द्र यादव के नेतृत्व में टीम गठित की। साइबर सेल को भी काम सौंपा। पुलिस टीम ने क्षेत्र में 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और पीथमपुर तक पहुंची। वहां पता चला कि दोनों ने यहां फर्जी दस्तावेजों पर किराए का कमरा लिया था, अब यहां से भी फरार है। पुलिस को सुराग मिला कि बिजेंद्र जयपुर में और धर्मेंद्र मथुरा में है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया। निशानदेही पर 17 लाख नकद, तीन लाख के आभूषण बरामद किए। दोनों को कोर्ट में पेश किया।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह उनके गिरोह के साथ विभिन्न स्थानों पर नाम बदल-बदलकर रहते थे। सराफा व्यापारियों से दुकान पर जाकर मिलना और भरोसा जीतकर पहले खरीदारी करते थे। जब व्यापारियों को विश्वास हो जाता तब किसी मजबूरी का नाम लेकर कम दाम में नकली सोने को असली बता कर गिरवी रखते और रुपए लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने उनके पास से जो मोबाइल व सिम जब्त की वह भी फर्जी दस्तावेजों पर ली थी।
टीआई ने बताया अंदेशा है कि बदमाशों ने गिरोह के साथ मिलकर अन्य राज्यों में भी इस तरह की ठगी की है। फिलहाल उन्हें कोर्ट में पेश किया है। यहां से राजस्थान पुलिस उनका रिमांड लेकर पूछताछ करेगी। ठगी के इस पर्दाफाश पर एसपी ने टीम को दस हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की। उधर, खुलासे पर बेडिय़ा सराफा व्यापारी एसोसिएशन ने भी पुलिस का सम्मान व इनाम स्वरूप 10 हजार इनाम दिया।