खरगोन

दावा: दूर हो जाएगा लकवा और चर्मरोग! 200 साल पुराने 7 अमृत कुंड में नहाने से मिलते है कई लाभ….

MP News: प्राचीन सात अमृत कुंडों में स्नान करने से लकवा, चर्मरोग और बाहरी बाधा दूर होती है। श्रद्धालु अनुभव बताते हैं कि यहां स्वास्थ्य और आस्था दोनों का चमत्कार मिलता है।
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Updated: 26 Sep 2025, 1:32 PM IST
Panwa Saat Mata Temple Anceint Amrit Kunds cures Paralysis mp news
Panwa Saat Mata Temple Anceint Amrit Kunds cures Paralysis (Patrika.com)

Anceint Amrit Kunds: शारदीय नवरात्रि (Sharadiya Navratri) के चलते इन दिनों खरगोन जिले के करीब 200 साल पुराने पानवा सात माता मंदिर (Panwa Saat Mata Temple) में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रहा है। यह वहीं मंदिर हैं जहां प्राचीन अमृत कुंड सिद्ध माने जाते हैं। मान्यता है कि यहां स्नान करने से लकवा, चर्मरोग जैसी समस्याओं का निवारण होता है। यहीं कारण है कि वर्तमान में यहां मप्र ही नहीं अन्य प्रांतों से भी लोग आते हैं और श्रद्धा की डूबकी लगाकर माता का पूजन करते हैं। (mp news)

ग्रामीणों ने बताई मंदिर और 7 कुंड की कहानी

ग्रामीणों के मुताबिक पहले यहां एक छोटा सा मंदिर था। स्थानीय लोगों ने उसका जीर्णोद्धार किया गया। मंदिर परिसर में सात कुंड हैं। जनमानस में यह मान्यता है कि इनमें स्नान करने से लकवा, चर्मरोग, बाहरी बाधा दूर होती है। किवदंती यह भी है कि सातों कुंड में अमृत बहता है। यहां बेहतर स्वास्थ्य की कामना लेकर दूर-दूर से लोग आते हैं। आस्था की डुबकी लगाते हैं।

पनवा के निवासी गजराजसिंह पंवार ने बताया यहां उनकी तीसरी पीढ़ी रहती है। तीन पीढ़ियों से वह यहां पूजा अर्चना कर रहे हैं। प्रसाद की दुकान लगाते हैं। पंवार ने बताया मंदिर की याती इतनी बढ़ी है कि यहां दूर-दूर से लोग आते हैं। विश्वास और आस्था के साथ पूजन कर कुंडों में स्नान करते हैं। (mp news)

रात्रि में होती है तीन आरती

इसके बाद कुंड स्नान स्थानीय लोगों के अनुसार यहां आने वाले भक्त सोमवार की शाम आते हैं। रात्रि 8 बजे पहली आरती होती है। दूसरी आरती रात्रि 12 बजे वह तीसरी आरती सुबह 4 बजे होती है। उसके बाद मंगलवार को सातों कुंड में स्नान किया जाता है। रोगों से ग्रसित मरीज यह कम सात सोमवार करते हैं। (mp news)

अनुभव की कहानी, खुद की जुबानी

अनुभव-1

महू के ग्राम गोनकुआ पीएचई निवासी राधेश्याम ने बताया वह लकवा ग्रस्त है। उनका यह तीसरा सोमवार है। राधेश्याम बताते हैं कि यहां स्नान करने से स्वास्थ्य में सुधार आया है जो किसी चमत्कार से कम नहीं है।

अनुभव-2

मंदसौर जिले के गरोठ निवासी राधिका ने बताया उन्हें चर्म रोग की शिकायत है। यहां स्नान करने से उन्हें भी आराम मिला है। चर्म रोग ठीक हो गया है। यहां उन्होंने सात मंगलवार स्नान किया।

धर्म स्थल को उत्थान का इंतजार

स्थानीय लोगों की मांग है कि यह स्थान सिद्ध क्षेत्र हैं। यहां की महिमा सुनकर दूर-दराज से लोग आते हैं। इस क्षेत्र का उत्थान होना चाहिए। तीन शेड लगावाए जाए। यहां बनी धर्मशाला की सफाई के लिए एक आदमी नियुक्त किया जाए। धार्मिक पर्यटन की दिशा में भी यहां काम हो तो आने वालों को सुविधाएं मिलेगी। (mp news)

Updated on:
26 Sep 2025, 1:32 PM IST
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