
Road Collapse: प्रदेश में जर्जर सड़क, पुल-पुलिया हादसों को निमंत्रण दे रहे हैं। हाल ही में रायसेन जिले में बरेली-पिपरिया मार्ग पर 50 साल पुराना पुल ढह गया था, जिसमें एक की मौत हो गई थी, कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। भोपाल में भी सड़क धंसने से बड़ा गड्ढा हो गया था। मामले ने तूल पकड़ा लेकिन औपचारिकता पूर्ण कार्रवाई के बाद ठंडा हो गया।
ताजा मामला पुलखंडवा-बड़ौदा नेशनल हाईवे (Pulkhandwa-Baroda National Highway) का है। खरगोन से जुलवानिया तक का हिस्सा लंबे समय से जर्जर हालत में है। शुक्रवार रात करीब 3 बजे बरूड़ फाटा से ऊन के बीच स्थित वर्षों पुरानी संकीर्ण पुलिया अचानक धंस गई। इस दौरान एक कैप्सूल वाहन पुलिया में फंस गया, जिससे रातभर आवागमन बाधित रहा। (MP News)
गनीमत रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सूचना पर ऊन थाना प्रभारी अमरसिंह बिलवाल टीम के साथ पहुंचे और यातायात डायवर्ट कराया। शनिवार दोपहर एमपीआरडीसी की संभागीय प्रबंधक पूनम कच्छवाह भी पहुंची। जेसीबी की मदद से पुलिया के किनारे डायवर्जन रोड बनाने का कार्य शुरू किया, जिससे अस्थायी रूप से यातायात बहाल किया जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना आए दिन हादसे हो रहे, बावजूद लंबे समय से मरम्मत नहीं की गई। मामले में भोपाल के मुख्य अभियंता बीपी बोरासी ने जानकारी ली है। विभाग का कहना है कि फिलहाल डायवर्जन बनाकर नई पुलिया का निर्माण कराया जाएगा।
पुलिया पुरानी है। रिकॉर्ड निकलवा रहे हैं। पहले रोड बना था जब पुलिया की स्थिति अच्छी होने से इसे रिटेन रखा गया था। नेशनल हाईवे घोषित होने पर इसे हैंडओवर किया जाएगा। वर्तमान में डायवर्जन रोड बनाकर पुलिया बनाएंगे। - पूनम कच्छवाह संभागीय प्रबंधक, एमपीआरडीसी