
TMC Latest News: पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई की अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने शनिवार को टीएमसी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद उन्होंने खुलकर कहा कि मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के एक फोन कॉल में लगाए गए आरोपों से वह बेहद आहत हुईं और इसके बाद उनके पास पद छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
इस्तीफे के बाद मीडिया से बातचीत में चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि शुक्रवार को तृणमूल भवन में हुई एक घटना के बाद ममता बनर्जी ने उन्हें फोन किया। बातचीत के दौरान ममता ने उनसे कहा कि 'तुमने तृणमूल भवन उन्हें सौंप दिया।' चंद्रिमा ने कहा कि यह आरोप उन्हें भीतर तक आहत कर गया। उनके मुताबिक, ऐसी बात कहने की कोई जरूरत नहीं थी और इसी घटना के बाद उन्होंने पार्टी के सभी पद छोड़ने का फैसला किया।
मई में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी को अपेक्षा से कमजोर प्रदर्शन का सामना करना पड़ा था। इसके बाद ममता बनर्जी ने पार्टी की सभी मौजूदा समितियों को भंग कर संगठन में व्यापक बदलाव किए थे। इसी पुनर्गठन के दौरान चंद्रिमा भट्टाचार्य को पश्चिम बंगाल इकाई का अध्यक्ष बनाया गया था। उन्हें ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिना जाता रहा है।
चंद्रिमा भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी को संबोधित अपने इस्तीफा पत्र में लिखा कि वह जून में संभाले गए प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रही हैं। उन्होंने टीएमसी और उससे जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के बैंक खातों में हस्ताक्षरकर्ता (सिग्नेटरी) के रूप में अपनी सभी जिम्मेदारियों से भी मुक्त किए जाने का अनुरोध किया है।
चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे पर बीजेपी विधायक डॉ. राजेश कुमार सुरोलिया ने टीएमसी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर गुटबाजी और अविश्वास चरम पर है। सुरोलिया ने आरोप लगाया कि टीएमसी अवैध गतिविधियों, वसूली, भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और कमीशनखोरी में लिप्त रही है। उनका कहना था कि अब जब पार्टी के भीतर हितों का टकराव बढ़ गया है तो नेता एक-दूसरे पर भरोसा नहीं कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 4 मई को चुनाव परिणाम आने के करीब 60 दिन के भीतर ही पार्टी आंतरिक कलह से जूझती नजर आ रही है।