चौथे दिन भी जारी रहा धरना कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में धर्मतला मेट्रो चैनल पर शुरू हुआ धरना सोमवार को लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के खिलाफ आयोजित इस धरने से ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया […]
चौथे दिन भी जारी रहा धरना
कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में धर्मतला मेट्रो चैनल पर शुरू हुआ धरना सोमवार को लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के खिलाफ आयोजित इस धरने से ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक आंदोलनों से डरती है और तृणमूल कांग्रेस के शांतिपूर्ण आंदोलन को बाधित करने की कोशिश कर रही है।
आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश
धरना मंच से ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा ‘चोरों और दलालों की पार्टी’ बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर उकसावे के जरिए आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी गई धमकी पर उन्होंने चुनाव आयुक्त को तंज भरे स्वर में ‘स्पाइडरमैन’ कहा और चेतावनी दी कि जनता को न भूलें। उन्होंने ईवीएम से छेड़छाड़ की आशंका जताई और राज्यपाल सीवी आनंद बोस के पद से हटाए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि दाल में कुछ काला है।
तुगलकी रवैया अपनाने का आरोप
धरना मंच पर पहुंचे तृणमूल महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि यदि जेल जाने वालों को राजनीति से बाहर करना है तो केंद्रीय मंत्री अमित शाह को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ‘तुगलकी रवैया’ अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि वह उसी होटल में रुके हैं जहां भाजपा नेता ठहरे हैं। अभिषेक ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव में तृणमूल की जीत के बाद भारत में ‘द्वितीय स्वतंत्रता आंदोलन’ शुरू होगा। उन्होंने ममता बनर्जी से निवेदन किया कि चार दिनों से सड़क पर रहकर खुद को और प्रताड़ित न करें। इस बीच, धरना स्थल के पास भाजपा समर्थकों द्वारा कथित रूप से ‘परिवर्तन यात्रा’ के पर्चे बांटे जाने पर तृणमूल कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। घटना के बाद ममता बनर्जी ने पुलिस अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
मंत्री ने की चुनाव आयोग के रवैये की आलोचना
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग और तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बैठक के बाद राज्य की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने आयोग के रवैये की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त बार-बार उन्हें बोलने से रोक रहे थे और यह असम्मानजनक व्यवहार है। उन्होंने सवाल उठाया कि मतदाताओं को अपनी उपस्थिति साबित करने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है। मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें महिला होने के बावजूद बार-बार चुप रहने के लिए कहा गया, जिससे स्पष्ट होता है कि आयोग महिलाओं के प्रति सम्मानजनक रवैया नहीं रखता। चंद्रिमा भट्टाचार्य ने सवाल किया कि यदि उनकी चिंताओं को सुना ही नहीं जाना था तो पार्टी को बैठक में क्यों बुलाया गया।