कोलकाता. महर्षि दधीचि सेवा ट्रस्ट के अंतर्गत श्री दाधीच नवयुवक परिषद की ओर से आयोजित दाधीच प्रीमियर लीग (डीपीएल) का आयोजन किया गया। आयोजन में खेल भावना और प्रतिभा झलक एकसाथ देखने को मिली। कोलकाता में पहली बार आयोजित दाधीच प्रीमियर लीग में बिना परिणाम की चाह में एक तरफ जहां उत्साहित और रोमांचित खिलाड़ियों […]
कोलकाता. महर्षि दधीचि सेवा ट्रस्ट के अंतर्गत श्री दाधीच नवयुवक परिषद की ओर से आयोजित दाधीच प्रीमियर लीग (डीपीएल) का आयोजन किया गया। आयोजन में खेल भावना और प्रतिभा झलक एकसाथ देखने को मिली। कोलकाता में पहली बार आयोजित दाधीच प्रीमियर लीग में बिना परिणाम की चाह में एक तरफ जहां उत्साहित और रोमांचित खिलाड़ियों ने खेल भावना के साथ अपनी प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन किया। वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में समाजजनों ने उपस्थिति दर्ज करा कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। आयोजकों ने इसे न केवल एक क्रिकेट प्रतियोगिता का मंच बताया बल्कि महानगर में रह रहे समाज जनों की व्यस्ततम दिनचर्या के बीच आपसी मेलजोल बढ़ाने का एक रोचक तथा सशक्त माध्यम बताया।डीपीएल में आठ टीमों ने भाग लिया। दर्शक दीर्घा में बैठे ट्रस्ट के पदाधिकारियों, समाजजनों, खेल प्रेमियों और अतिथियों ने मैच के दौरान हर बेहतरीन शॉट, शानदार बॉल को जबरदस्त क्षेत्ररक्षण का आनंद लिया और तालियों की गूंज के साथ हर बेहतर प्रदर्शन पर प्रतिभागी खिलाड़ी का उत्साहवर्धन किया।
काकड़ा डायनामाइट्स टीम ने शानदार जीत दर्ज की
लीग के प्रत्येक उम्दा मैच के बाद रविवार को खेले गए फाइनल में मुकेश काकड़ा के ओनरशिप वाली काकड़ा डायनामाइट्स का मुकाबला 'हंसराज हीरोज' के साथ मुकाबला हुआ। रोमांचक मैच में काकड़ा डायनामाइट्स टीम ने शानदार जीत दर्ज की। जबकि 'हंसराज हीरोज' को उपविजेता के रुप में संतोष करना पड़ा। लीग में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर आशीष आसोपा ने मैन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार अपने नाम किया।डीपीएल के आयोजन को सफल बनाने में प्रदीप सूंटवाल, नारायण दास आसोपा, बंशीधर शर्मा, महाल चंद बेहड़, बालकिशन आसोपा, देवकीनंदन फलोड़, ओम प्रकाश दोलावत, विमल दोलावत, परमानंद तिवारी, सीताराम तिवाड़ी, उमेश शर्मा, मुकेश शर्मा, बसंत सूंटवाल, सुरेंद्र जोशी, सुधीर आसोपा, विजय ओझा एवं उमेश राय का विशेष सहयोग रहा।
जो खेलेगा वही आगे बढ़ेगा: बंशीधर शर्मा
जो खेलेगा वही आगे बढ़ेगा: बंशीधर शर्मा वरिष्ठ समाजसेवी और साहित्यकार बंशीधर शर्मा ने कहा कि जो खेल सकता है वही आगे बढ़ सकता है। उन्होंने भगवान कृष्ण का उल्लेख करते हुए क्रीड़ांगन को विस्तार से परिभाषित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन सभी के हित में होते है। यह युवाओं को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने तथा बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं के लिए आपस में रुबरु होने का अवसर है। इस दौरान उन्होंने समाज की मानव कल्याण की दिशा में चल रही गतिविधियों की जानकारी भी दी।