
Biswajit Das: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक बिस्वजीत दास के घर से हथियार बरामद होने के मामले में मंगलवार को पुलिस ने उनके ड्राइवर केरामत मंडल को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दास के उत्तर 24 परगना स्थित घर के पीछे बने बगीचे से एक देशी हथियार और कई जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार यह बरामदगी सोमवार को दास की गिरफ्तारी के एक दिन बाद हुई। दास को उनकी कार से कथित तौर पर अवैध हथियार मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद जांच के दौरान पुलिस को उनके घर और कार से जुड़े कुछ और सुराग मिले।
जांच में ड्राइवर केरामत मंडल पर पुलिस का शक गया। पुलिस के अनुसार दास को थाने ले जाने के बाद मंडल उनकी कार लेकर उनके घर पहुंचा। उसने घर का ताला खोला और अंदर गया। कुछ देर बाद वह बाहर आया। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस ने उससे पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में मंडल ने बताया कि दास की कार के डैशबोर्ड पर हथियार और कारतूस रखे थे। उसने कथित तौर पर हथियार और कारतूस कार से निकालकर घर के पीछे बने बगीचे में फेंक दिए थे। इसके बाद वह वहां से चला गया। मंडल को अवैध हथियार रखने के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
गौरतलब है कि पुलिस की एक टीम ने सोमवार देर रात दास के घर के पीछे बगीचे में तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान एक देशी हथियार और कई जिंदा कारतूस मिले। अब जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि ये हथियार कहां से आए और इन्हें दास की कार में क्यों रखा गया था। दास और उनके ड्राइवर को मंगलवार को बोंगांव उपमंडलीय अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने दोनों से पूछताछ के लिए सात दिन की हिरासत मांगी है। मामले में हथियारों की बरामदगी और दोनों आरोपियों की भूमिका को लेकर जांच जारी है।
बता दें कि बिस्वजीत दास ने तृणमूल कांग्रेस के साथ अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। उन्होंने 2011 और 2016 में बोंगांव उत्तर विधानसभा सीट से तृणमूल के टिकट पर चुनाव जीता था। 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले वह भाजपा में चले गए और बगदाह सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बने। बाद में वह फिर तृणमूल कांग्रेस में लौट आए। 2024 में पार्टी ने उन्हें बोंगांव संगठनात्मक जिले की जिम्मेदारी दी थी। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में बोंगांव सीट से तृणमूल के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा के शांतनु ठाकुर से हार गए। 2026 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल ने उन्हें फिर बोंगांव उत्तर सीट से मैदान में उतारा था। इस चुनाव में वह भाजपा के अशोक कीर्तनिया से हार गए।