कोंडागांव

छत्तीसगढ़ के गुमनाम कुली ने मानसून रन सीजन में किया कमाल, फोटो वारयल होने के बाद ढूंढने लगे लोग

Navi mumbai monsoon run season 2: बस्तर से निकलकर कुली-मजदूरी करने वाले धरमू नेताम ने नवी मुंबई में हुए मानसून रन सेशन-2 में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है

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छत्तीसगढ़ के गुमनाम कुली ने मानसून रन सेशन में किया कमाल, फोटो वारयल होने के बाद ढूंढने लगे लोग

कोण्डागांव. Navi mumbai monsoon run season 2: 21 जुलाई को नवी मुंबई में हुए मानसून रन सेशन-2 में 10 किलोमीटर की दूरी 31 मिनट में तय करते हुए बस्तर के आदिवासी युवा धरमू ने पहला स्थान प्राप्त किया इसके साथ ही रनरअप रहे संतू ने भी जिला का नाम रौशन किया। बस्तर से निकलकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने की सोच रखने वाला धरमू नेताम वैसे तो पेशे से कुली-मजदूरी का काम करता है।

लेकिन उसके हौसले के सामने यह सब कुछ बौना नजर आता हैं। धरमू के पिता बुधराम व माता सुकलीबाई भी बनियागांव नाकापारा में कुली-मजदूरी का काम करते हैं और इसी से उनका जीवन चल रहा है। बेटे की इस प्रतिभा से भी उसके माता-पिता अनजान हैं। धरमूराम कुली-मजदूरी के साथ ही शादी-विवाह में बैंड बाजा बजाने का भी काम करता है।

उसने स्थानीय स्तर पर होने वाले विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाई है। लेकिन इससे बेहतर मौका उसे कभी नहीं मिला जब वह अपनी प्रतिभा बस्तर से निकलकर बड़े महानगरों तक दिखा सके। मौका मिलते ही उसने अपनी एंट्री मार ली।

अकेला नहीं धरमू और भी है इलाके के धावक

इतना ही नहीं इन्हें वहां तक ले जाने वाला ऑटो पार्ट्स की दुकान का संचालक संतु साहू भी 10 किमी में रनरअप रहा। स्पर्धा में दूसरा स्थान हासिल करने का गौरव उसे हासिल हुआ। उसने बताया कि, ईमेल से मिले निमंत्रण के आधार पर वह अपने साथ धरमू व फूलधर को लेकर मुंबई पहुंचा और वहां पंजीयन करवाने के बाद दौड़ शूरू की और जीत गए की।

मर्दापाल निवासी फूलधर नेताम ने भी इसी स्पर्धा में 21 किलोमीटर के मैराथन में दूसरा स्थान प्राप्त किया हैं। उन्होनें बताया कि इस स्पर्धा में तकरीबन 5 हजार धावकों ने हिस्सा लिया था।

फोटो वारयल होते ही खोजबीन हुई शुरू

धरमूराम व फूलधर नेताम के इस प्रतिभा की फोटो व कहानी जैसे ही सोशल मीडिया में वायरल हुई तो एक के बाद एक कैमेंट आने लगे। वही क्षेत्रीय विधायक व पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम सहित शिक्षा विभाग का अमला भी इन दोनों युवक की खोजबीन में उनके गांव तक पहुंच गया। जहां पता चला कि उसके परिवार वालों को तो मालूम ही नहीं है कि वह कहा गया है।

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Published on:
24 Jul 2019 02:19 pm
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