
Chhattisgarh News: विकासखंड बड़े राजपुर के बांसकोट चौकी क्षेत्र के केरागांव निवासी एक आदिवासी युवक और उसके पिता को कर्नाटक में एक ठेकेदार द्वारा बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। युवक हैदराबाद में बोरवेल्स कंपनी में काम करने गया था। उसे वापस घर नहीं आने देने की जानकारी मिलने पर उसके पिता अपने भतीजे के साथ उसे छुड़ाने पहुंचे। आरोप है कि वहां उन्हें भी कर्नाटक ले जाकर बंधक बना लिया गया। पिता किसी तरह वहां से निकलकर घर लौट आए, लेकिन उनके साथ गया भतीजा लापता है।
पिता ने रिश्तेदारों को फोन कर मदद मांगी। इसके बाद रात में जंगल-झाडिय़ों से होते हुए उन्होंने एक मिर्च के खेत में रात बिताई। बाद में मदद मिलने पर बोलेरो से पहुंचे साथियों को अपनी लोकेशन भेजकर वहां तक पहुंचे और किसी तरह वापस लौट आए। इस दौरान उनके साथ गया भतीजा अलग हो गया। उसका मोबाइल बंद बताया जा रहा है और अभी तक उसका पता नहीं चल सका है। उसके पिता घर लौट चुके हैं।
जनपद उपाध्यक्ष नारायण नेताम और परिजनों ने मामले की जानकारी विश्रामपुरी थाना पुलिस को दी है। थाना प्रभारी विनोद नेताम ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि दो लोगों के वापस आने की जानकारी मिली है, जबकि एक व्यक्ति का अभी पता नहीं चला है।
जानकारी के अनुसार केरागांव निवासी निर्मल कुमार करीब एक माह पहले आर्थिक स्थिति के चलते हैदराबाद की एक बोरवेल्स कंपनी में काम करने गया था। परिवार के अनुसार, घर लौटने की इच्छा जताने पर उसे वापस नहीं आने दिया गया। निर्मल ने किसी तरह छिपकर फोन से परिजनों को इसकी जानकारी दी। बेटे की सूचना मिलने के बाद पिता अपने भतीजे के साथ हैदराबाद पहुंचे। आरोप है कि उन्हें निर्मल से मिलाने का भरोसा देकर एक ऑटो में बैठाया गया और कर्नाटक ले जाकर रोक लिया गया।