कोंडागांव

खुले आसमान के नीचे विराजे शिवलिंग के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु, ढोल बाजों के साथ निकली कावड़ यात्रा

Kawad Yatra 2025: जल धारण कर कांवड़ यात्रा प्रारंभ करेंगे और सोमवार को सुबह गढधनौरा गोबरहीन पंहुचकर जलाभिषेक करेंगे। जिसकी तैयारी जोर-शोर से किया जा रहा है।
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शिवलिंग के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु (Photo source- Patrika)
शिवलिंग के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु (Photo source- Patrika)

Kawad Yatra 2025: सावन मास के तृतीय सोमवार को सुबह से ही प्रसिद्ध व प्राचीन पवित्र शिवधाम गढधनौरा गोबरहीन में खुले आसमान तले विराने में विराजे औघढवरदानी भोले भंडारी के भव्य चमत्कारी शिवलिंग का दर्शन पूजन करने वाले भक्तों और जलाभिषेक करने वाले कांवड़ियों का तांता लगा रहा।

Kawad Yatra 2025: निकाली जा रही कांवड यात्रा

पिछले 16 वर्ष की भांति इस वर्ष भी रोहित कौशिक की अगुवाई में इस वर्ष भी धनौरा क्षेत्र से लगभग 500 कांवड़ यात्रा के लिए निकले और छत्तीसगढ़ की गंगा माने जाने वाली महानदी के उद्गम स्थल से जल धारंण करके नंगे पांव पैदल चलकर शिवधाम गढधनौरा गोबरहीन पंहुचकर जलाभिषेक किया।

इस वर्ष भी केशकाल, बड़ेराजपुर, फरसगांव ब्लाक के हजारों शिवभक्त कांवड़ यात्रा में शामिल होंगे यह उम्मीद की जा रही है। इसी तरह आखरी श्रावंण सोमवार को शिवधाम गढधनौरा में दर्शनार्थी शिवभक्तों एवं कांवड़ियों का भव्य मेला भर जायेगा। जिनकी सेवा में भक्ति भाव रखने वाले भक्तजनों द्वारा व्यवस्था किया जायेगा। केशकाल सहित अन्य जगहों पर भी कांवड यात्रा निकाली जा रही है। भक्त इसे लेकर उत्साहित हैं।

जगह-जगह हुआ स्वागत

सिहावा से केशकाल गढधनौरा गोबरहीन के लिए निकले कांवड़ियों का रास्ते में जगह-जगह स्वागत सत्कार किया गया और गढधनौरा गोबरहीन पंहुचने पर बजरंग दल प्रमुख नीरज अग्निहोत्री के नेतृत्व में बजरंगियों ने हर्षोल्लास के सांथ स्वागत करते कांवड़ियों का समान किया।

वही अंतिम सावन सोमवार को जलाभिषेक करने केशकाल से 2 अगस्त को निकलेंगे कांवड़ यात्री जलाभिषेक करने के इच्छुक श्रद्धालुभक्त जन शनिवार को केशकाल से सिहावा के लिए रवाना होंगे। रविवार को प्रात: जल धारण कर कांवड़ यात्रा प्रारंभ करेंगे और सोमवार को सुबह गढधनौरा गोबरहीन पंहुचकर जलाभिषेक करेंगे। जिसकी तैयारी जोर-शोर से किया जा रहा है।

Kawad Yatra 2025: कोण्डागांव/नगर इन दिनों शिव भक्ति में डूबा हुआ है। भजन कीर्तन तो कहीं वैदिक मंत्रोपचार के साथ अभिषेक हो चल रहा है। सावन मास के तीसरे सोमवार को सरस्वती शिशु मंदिर के छोटे-छोटे कांवड़ियों ने नारंगी नदी से जल लेकर कृष्ण मंदिर परिसर स्थित शिवालय में जल अभिषेक किया तो वही वनवासी विकास समिति के द्वारा भी ढोल बाजे और जय घोष के साथ कावड़ यात्रा निकाली गई।

Updated on:
29 Jul 2025 11:05 am
Published on:
29 Jul 2025 11:05 am