
Chhattisgarh Inspirational News: कहते हैं कि अगर हौसला बुलंद हो और मां का आशीर्वाद साथ हो, तो बड़ी से बड़ी विपत्ति भी रास्ता नहीं रोक सकती। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है फरसगांव विकास खंड के ग्राम पंचायत पांडे आठगांव के एक साधारण परिवार ने। गांव के सदानंद पांडे का ‘अग्निवीर’ में और उनकी बहन पूजा पांडे का ‘जिला पुलिस बल’ में चयन होने से पूरे क्षेत्र में गौरव और खुशी का माहौल है। एक ही घर से दो-दो बच्चों के देश और राज्य की सेवा में चुने जाने पर पूरे गांव के युवाओं और वरिष्ठ जनों में भारी उत्साह है।
इस दोहरी सफलता के पीछे आंगनबाड़ी सहायिका उनकी मां ललिता पांडे का बरसों का कड़ा संघर्ष, त्याग और बलिदान छिपा है। कुछ वर्ष पहले पति स्व. कुमल पांडे की हृदयघात (हार्ट अटैक) से अचानक हुई मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया था। छोटे-छोटे मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाने के बाद ललिता पांडे पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
बेहद तंगहाली और तकलीफों के बीच आंगनबाड़ी सहायिका का काम करते हुए उन्होंने अपने दोनों बच्चों को पाला-पोसा और पढ़ा-लिखाकर आज इस काबिल बनाया। ’’जब पूजा और उसके बाद सदानंद की सफलता की खबर आई, तो मां ललिता पांडे की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। उनका कहना है कि आज उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना सच हो गया, दोनों बच्चे अपने पैरों पर खड़े हो गए और अब शायद उनके पति की आत्मा को शांति मिली होगी।’’
चयन के बाद जैसे ही सदानंद पांडे अपनी जॉइङ्क्षनग पूरी कर वापस अपने गृह ग्राम पहुंचे, तो पूरा गांव उनके स्वागत में उमड़ पड़ा। गांव के युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने सदानंद के घर पहुंचकर उन्हें बधाई दी। ग्रामीणों ने देश के इस नए रक्षक को फूलों की माला पहनाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया तथा दोनों भाई-बहन के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। युवाओं के लिए सदानंद और पूजा आज एक रोल मॉडल बन चुके हैं।
इस ऐतिहासिक खुशी के मौके पर बधाई देने वालों में मुख्य रूप से छतरेन मरकाम, घसिया राम मरकाम, धनराज पांडे, चौहान दीवान, मनोज पांडे, मिलाप पांडे, शशि दीवान, राम पांडे, युवराज प्रधान, जंगलू पांडे, सालिक राम पांडे, दिनेश प्रधान, कमलेश मरकाम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में मां के संघर्ष और बच्चों की इस शानदार कामयाबी की सराहना की।