
JEE में चमकी रायपुर की मनिंदर (फोटो सोर्स- पत्रिका)
रायपुर @ताबीर हुसैन।JEE Success Story: ये कहानी है देवेंद्र नगर निवासी मनिंदर कौर गांधी की। उन्होंने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो जिंदगी की सबसे बड़ी त्रासदी भी सपनों का रास्ता नहीं रोक सकती। एक हादसे में जलने के बाद मौत को मात देने वाली मनिंदर ने जेईई मेंस में 89 परसेंटाइल हासिल की और पीडब्ल्यूडी श्रेणी में ऑल इंडिया रैंक 281 प्राप्त कर बुलंद हौसले का परिचय दिया है।
पत्रिका से खास बातचीत में मनिंदर बताती हैं, मेरी जिंदगी 8 मई 2025 को अचानक बदल गई, जब एक हादसे में मेरे कपड़ों में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने मेरे शरीर को अपनी चपेट में ले लिया। गर्दन, सीना और दोनों हाथों समेत शरीर का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा गंभीर रूप से झुलस गया। हालात इतने गंभीर थे कि डॉक्टरों ने मेरे बचने की संभावना बेहद कम बताई। उसे लगभग चार महीने तक सरकारी अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। इस दौरान दो बड़े और तीन छोटे ऑपरेशन हुए। तीन दिन वेंटिलेटर पर रहना पड़ा और 14 यूनिट खून चढ़ाया गया।
इलाज के दौरान डीवीटी और यूरिन इंफेक्शन जैसी जटिल समस्याएं भी सामने आईं। लंबे समय तक मैं बिस्तर से उठ नहीं सकी और फीडिंग ट्यूब के सहारे केवल तरल आहार लेती रही। हादसे और ऑपरेशनों के कारण उसके शरीर में कई कीलोइड और कॉन्ट्रैक्टर बने, जिससे वह 54 प्रतिशत दिव्यांग हो गई।
अगस्त 2025 में घर लौटने के बाद भी मेरी चुनौतियां खत्म नहीं हुईं। चलना-फिरना मुश्किल था और डॉक्टरों ने बेड रेस्ट की सलाह दी थी। इसी दौरान एक दिन यूट्यूब पर मुझे कुछ लेक्चर मिले। मैंने उसका ऑनलाइन बैच लिया और धीरे-धीरे पढ़ाई शुरू की। शुरुआत में मैं एक घंटे भी लगातार नहीं पढ़ पाती थी। हालत यह थी कि हाथ ठीक से काम नहीं करते थे और पेन पकड़ना भी कठिन था।
दिसंबर से मैंने पूरी गंभीरता के साथ जेईई की तैयारी शुरू की। ड्रेसिंग और इलाज के बीच पढ़ाई जारी रखी। मां गृहिणी हैं, जबकि परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उनकी मौसी टेलरिंग के काम से संभालती हैं। इस कठिन दौर में मेडिकल की पढ़ाई कर रही उनकी बहन मनेंद्र कौर ने सबसे बड़ा मानसिक संबल दिया।
Updated on:
06 Jun 2026 08:39 am
Published on:
06 Jun 2026 08:38 am
