
Chhattisgarh Road Accident (एआई - तस्वीर)
Chhattisgarh Road Accident: बेमेतरा जिले के नवागढ़ रोड स्थित संबलपुर के बिजली कार्यालय के समीप शनिवार शाम हुए दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। प्रारंभिक जांच में दुर्घटना का कारण तेज रफ्तार और नशे की स्थिति को माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पेण्ड्री निवासी दिलेश्वर पिता हरिशंकर अपने रिश्तेदार सुशील कुमार के साथ बाइक से संबलपुर से वापस गांव लौट रहे थे। इसी दौरान बिजली कार्यालय के सामने स्थित घुमावदार मोड़ पर बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे सीमेंट के बिजली पोल से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल 108 एंबुलेंस की सहायता से दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल मुंगेली रेफर किया गया। उपचार के दौरान दोनों युवकों ने दम तोड़ दिया।
मुंगेली जिला अस्पताल चौकी प्रभारी तरुण के अनुसार, दोनों मृतकों का पोस्टमार्टम रविवार सुबह कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। मामले में मुंगेली पुलिस ने शून्य पर अपराध दर्ज किया है। आवश्यक कार्रवाई के बाद प्रकरण नवागढ़ थाना को हस्तांतरित किया जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाइक काफी तेज गति से चल रही थी। आशंका जताई जा रही है कि चालक नशे की हालत में था, जिसके कारण मोड़ पर वाहन से नियंत्रण खो बैठा और बाइक सीधे बिजली पोल से जा टकराई। इस दुर्घटना से मृतकों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
हादसे के बाद क्षेत्रवासियों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों और व्यापारियों का कहना है कि बिजली कार्यालय के पास स्थित यह घुमावदार मोड़ लंबे समय से दुर्घटनाओं का केंद्र बना हुआ है। यहां आए दिन छोटी-बड़ी सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं, जिसके कारण स्थानीय लोग इसे अब "खूनी मोड़" के नाम से पुकारने लगे हैं। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत और मांग के बावजूद यहां न तो पर्याप्त चेतावनी संकेतक लगाए गए हैं और न ही वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि दुर्घटना संभावित इस मोड़ पर तत्काल स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही नियमित पुलिस निगरानी और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा, यातायात जागरूकता और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर गया है।
Updated on:
1 Jun 2026, 7:53 AM IST
Published on:
1 Jun 2026, 7:53 AM IST
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