निगम का दावा 400 महिलाओं को फरवरी तक भुगतान कर दिया गया
कोरबा . नगर निगम से वेतन की मांग को लेकर कई दिनों से आंदोलित महिला सफाई कर्मियों का आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा। उधर निगम प्रशासन का दावा है कि 8-10 महिलाओं को छोड़कर 400 महिलाओं को फरवरी तक भुगतान कर दिया गया है। शासन का स्पष्ट आदेश है कि मानदेय सिर्फ 5 हजार रूपए ही मिलेगा।
वेतन सहित कई मांगों को लेकर डोर टू डोर कचरा उठानी वाली महिलाएं काम बंद रख साकेत में धरना दे रही हैं। महिलाओं का कहना है कि उनको पिछले चार पांच माह से मानदेय नहीं दिया गया है जबकि निगम का दावा है कि 400 से अधिक महिलाओं को फरवरी तक 5-5 हजार रूपए खाते में जमा किया गया है।
पिछले आठ माह से यह काम शुरू हुआ है। शुरूआती दौर मेें मानदेय सीधे स्व सहायता समूह के खाते में जमा होता था। लेकिन कुछ शिकायतें आने के बाद फिर निगम ने सभी महिलाओं से जोनवार उनके खाते नंबर जमा लिए गए । जिसके बाद उनके खाते में सीधे राशि डाली जा रही है। कुछ महिलाओं ने जानकारी विलंब से दी इसलिए उनके खाते मेंं अब तक राशि नहीं दी गई।
महिलाओं की दूसरी मांग है कि उनको अन्य सफाई कर्मियों की तरह पीएफ व मेडिकल की सुविधा चाहिए। जबकि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अवर सचिव एच आर दुबे के अप्रैल 2017 के आदेश के मुताबिक महिलाओं को सिर्फ 5000 रुपए वेतन दिया जाना है। ऐसे में निगम के हाथ बंधे की उनको किसी भी तरह ये सुविधाएं नहीं दी जा सकती।
यूजर चार्ज शासन ने कम कर दिया है। घरेलू का 100 रूपए को 60 रूपए, 50 को 30 रूपए व 30 को 20 रूपए कर दिया गया है। लेकिन शहरवासी कलेक्शन देने में आनकानी करते हैं। ऐसे में महिलाओं पर यूजर चार्ज वसूलने के लिए दबाव बढ़ रहा है। अगर युजर चार्ज नहीं आएगा तो वेतन में कटौती की बात कही जा रही है। जिससे समुह की महिलाओं मेें आक्रोश है।