- मकुंदराम ने पहले तो भालुओं से थोड़ा संघर्ष किया, फिर जमीन पर लेट कुछ सेकेंड के लिए सांस को रोक दिया
कोरबा . जंगल में बकरी चराने गए ग्रामीण पर तीन भालुओं ने हमला कर दिया। पहले तो ग्रामीण ने भालुओं से संघर्ष किया। नहीं जीत सका तो सांसे रोक जमीन पर लेट गया। भालुओं ने मरा हुआ समझकर ग्रामीण को छोड़ दिया। ग्रामीण ने मोबाइल पर घटना की जानकारी घर वालों को दी। घायल को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है।
घटना वनमंडल कोरबा के गांव चाकामार की है। गांव में रहने वाला मकुंदराम यादव 38 गुुरुवार को गांव से सटे जंगल में बकरी चराने गया था। वह जंगल के बीच झाडिय़ों में बैठकर बकरियां चरा रहा था। इस बीच तीन भालुओं ने मकुंदराम पर हमला कर दिया। मकुंदराम ने पहले तो भालुओं से थोड़ा संघर्ष किया, लेकिन उनके आक्रामक रूख को देखकर घबरा गया। जमीन पर लेट गया। कुछ सेकेंड के लिए सांस को रोक दिया। एक भालू ने मकुंदराम को सूंघा, लेकिन मकुंदराम ने कोई हरकत नहीं किया। भालू मरा हुआ समझकर मकुंदराम को छोड़कर जंगल में चले गए।
घायल ग्रामीण ने मोबाइल पर कॉल कर घटना की जानकारी घर वालोंं को दी। परिजन अन्य ग्रामीणों के साथ जंगल में पहुंचे। घायल को उठाकर घर ले आए। इलाज के लिए मकुंदराम को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। मकुंदराम गांव में उप सरपंच है।
जिला अस्पताल में जख्म का इलाज करा रहा है। उसने बताया कि गुरुवार को बकरियों को लेकर जंगल में चराने गया था। दोपहर 12 से 12.30 बजे बीच झाडिय़ों के पास बैठकर बकरियां चरा रहा था। इस बीच तीन भालुओं ने पीछे से हमला किया।
पहले तो मकुंदराम ने भालुओं ने थोड़ा संघर्ष किया। बाद में जान बचाने के लिए जमीन पर लेटकर सांस रोक लिया। भालुओंं ने मकुंदराम के पैर और पेट से मांस को नोंच लिया है। इधर वन विभाग ने घायल मकुंदराम को इलाज के लिए 500 रुपए की आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराई है। इलाज पर होने वाली खर्च को वहन करने की जानकारी दी है।