कोरबा

हाइप्रोफाइल सेक्स रैकेट के मामले में तीन को सात-सात साल की सजा, छह दोषमुक्त

Body trade case: तीन साल पहले नाबालिग को देहव्यापार में ढकेलने और अनाचार का मामला आया था सामने, कोर्ट मेें नाबालिग ने आरोपियों को नहीं पहचाना
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Oct 01, 2019
Three sentenced to seven years each
हाइप्रोफाइल सेक्स रैकेट के मामले में तीन को सात-सात साल की सजा, छह दोषमुक्त

कोरबा. शहर के सबसे हाइप्रोफाइल सेक्स रैकेट के मामले में स्पेशल कोर्ट ने तीन आरोपी को 7-7 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने छह अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है।

तीन साल पहले शहर में हाइप्रोफाइल सेक्स रैकेट का मामला पुलिस ने पकड़ा था। पुलिस ने एक नाबालिग को दूसरे शहर में ले जाकर देहव्यापार कराने और अनाचार के आरोप में कुल नौ लोगों को आरोपी बनाया था। पुलिस ने अपनी चार्जशीट में कहा था कि दो महिलाओं द्वारा नागालिग को दूसरे शहर में देहव्यापार कराने ले गए थे। इसकेे आलावा पुलिस ने शहर के आकाश शर्मा, राजदास, उमेश शर्मा और महेन्द्र सिंह टुरेजा को नाबालिग के साथ अनाचार करने के मामले में पकड़ा था।

आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने एक से अधिक अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इसमें जिनको आरोपी बनाया गया था, पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। सोमवार को स्पेशल कोर्ट के न्यायधीश श्रीनिवास तिवारी ने इस मामले में दो महिला समेत एक अन्य आरोपी यूपी के भदोही निवासी विजय शंकर दुबे को 7-7 साल की सजा सुनाई। जबकि सीएसईबी कॉलोनी निवासी आकाश शर्मा, जांजगीर निवासी उमेश शर्मा, टीपीनगर निवासी राजदास, आरपी नगर निवासी महेन्द्र सिंह टुरेजा को कोर्ट ने 373, 376, (2)(एन) एवं लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा छह तथा किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 75 पर दोषमुक्त करार दिया है। पुलिस ने जिन चार लोगों के खिलाफ सबूत पेश किए थे। वे साबित नहीं हो सके। पीडि़ता ने भी चारों को कोर्ट में पहचानने से इंकार कर दिया।

Updated on:
01 Oct 2019 06:44 pm
Published on:
01 Oct 2019 09:30 pm