कोरबा

CG Health: भारत का अनोखा अस्पताल, 12 साल में एक भी नहीं हुआ ऑपरेशन

CG Health: यह अव्यवस्था एक या दो साल से नहीं बल्कि 12 साल से चली आ रही है।
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Updated: 9 Jun 2024, 7:22 AM IST
CG Health

CG Health: सीएसईबीअस्पताल प्रबंधन ने 12 साल में अपनी व्यवस्था सुधार नहीं सका है। कर्मचारी व उनके परिवार इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां से निजी अस्पतालाें को रास्ता दिखा रहे हैं। इस तरह यह सिर्फ रेफरल सेंटर ही बनकर रह गया है। बावजूद इसके सुविधाओं के विस्तार पर प्रबंधन के अफसर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उपादन कंपनी में कार्यकर अधिकारी व कर्मचारियों की चिकित्सा सुविधा के लिए 30 बिस्तर वाली अस्पताल संचालित है। लेकिन यह अब सिर्फ नाम की रह गई है। अस्पताल में सर्दी, खांसी, बुखार के अलावा कोई अन्य दूसरी बीमारियों की जांच की सुविधा ही नहीं है।

प्रसव, दुर्घटना सहित अन्य छोटी-बड़ी व गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अस्पताल से मरीजों को किसी निजी अस्पताल और क्लिनिक में रेफर किया जा रहा है। इससे मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। इससे कई बार मरीजों के जान पर आफत बन रही है। इसे लेकर कर्मचारी वर्ग में नाराजगी है।

दरअसल किसी भी तरह की इलाज के लिए पहले कर्मचारी व परिवार के सदस्यों को सीएसईबी के अस्पताल लाया जाता है। यहां प्राथमिक इलाज के बाद बाद रेफर का कागज तैयार कर परिजनों को थमा दिया जाता है। यह अव्यवस्था एक या दो साल से नहीं बल्कि 12 साल से चली आ रही है।

CG Health: एक्स-रे मशीन भी पुरानी, डिजिटलाइजेशन की जरूरत

जिले में आए दिन सड़क हादसे में लोग गंभीर रुप से घायल हो रहे हैं। वहीं समय पर इलाज नहीं मिलने पर लोगाें की जान भी जा रही है। बावजूद इसके अस्पताल में एक्स-रे मशीन तक ठीक नहीं है। बताया जा रहा है कि अस्पताल में पुरानी एक्स-रे मशीन है। इसमें से फिल्म वाली एक्स-रे जारी की जाती है। लेकिन इसमें कई बार चिकिस्तकों को मानइर क्रेक पकड़ नहीं आती। इस कारण चिकित्सक लोगाें के इलाज के लिए डिजिटल एक्स-रे की मांग करते हैं। लेकिन अस्पताल में डिजिटल मशीन नहीं है।

ऑपरेशन थिएटर हो चुकी है पुरानी, मशीनें भी खराब

सीएसईबी कोरबा (पूर्व) अस्पताल में 12 साल से सर्जरी नहीं होने की सबसे बड़ी वजह ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की सुविधा के अभाव को बताया जा रहा है। अस्पताल में ओटी की सुविधा तो है लेकिन भवन खपरैल वाली है। ऐसे में इस कक्ष में नई गाइडलाइन के अनुसार सर्जरी नहीं की सकती है।

इससे सर्जरी बंद हो चुकी है और कक्ष में रखे हुए सामान अब कबाड़ में तब्दील होने की कगार पर है। हालांकि प्रबंधन का दावा है कि ओटी के लिए नए कक्ष निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इसके लिए अस्पताल के ओपीडी भवन के पीछे की भू-खंड को चिन्हांकित किया गया है।

CG Health: डॉक्टरों को दे रहे मोटा वेतन, फिर भी इलाज की सुविधा की कमी

सीएसईबी हॉस्पिटल कोरबा (पूर्व) में आठ डॉक्टरों की पदस्थापना का सेटअप है। अस्पताल में पांच डॉक्टर पदस्थ है। कंपनी की ओर से इन्हें वेतन के रुप में मोटी रकम दी जा रही है। इसके बाद डॉक्टर मरीजों को निजी अस्पताल में रेफर कर रहे हैं। इस व्यवस्था के सुधार पर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।

अस्पताल में प्रसव की सुविधा भी नहीं

अस्पताल में प्रसव की भी सुविधा नहीं है। अस्पताल में गायक्नोलॉजिस्ट डॉक्टर पदस्थ हैं। लेकिन निस्चेतना चिकित्सक नहीं है। इस कारण हास्पिटल में प्रसव की सुविधा भी बंद पड़ी हुई है। निजी अस्पताल जाने को मजबूर हैं।

सीएसईबी डॉ एससी खरे का कहना है कि सीएसईबी कोरबा पूर्व के अस्पताल की सुविधा को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। नए ऑपरेशन थिएटर की स्वीकृति के साथ सर्जरी की सुविधा प्रारंभ हो जाएगी।

Updated on:
9 Jun 2024, 7:22 AM IST
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