- सबसे अधिक मतदान कटघोरा और पाली तानाखार में हुआ जबकि कोरबा में आंशिक इजाफा और रामपुर के मतदान में आंशिक कमी दर्ज की गई
कोरबा. रामपुर और पाली में पुरूष तो कटघोरा और कोरबा में महिलाओं के हाथों विजयीमाला होगी। २०१३ की तुलना में जिले के औसत मतदान में कुल १.४१ फीसदी का इजाफा हुआ है। सबसे अधिक मतदान कटघोरा और पाली तानाखार में हुआ जबकि कोरबा में आंशिक इजाफा और रामपुर के मतदान में आंशिक कमी दर्ज की गई।
कोरबा जिले के चारों विधानसभा का कुल मतदान फीसदी ७८.६१ रहा। जबकि २०१३ में कुल मतदान ७७.२० फीसदी रहा। जिले के विधानसभा क्षेत्र रामपुर में 83.37, कोरबा में 71.56, कटघोरा 77.65 और पाली तानाखार विधानसभा क्षेत्र में 81.89 प्रतिशत मतदान हुआ। जिले में सबसे अधिक 83.37 प्रतिशत मतदान रामपुर में दर्ज किया गया। हालांकि पिछली बार की तुलना में ०.६४ फीसदी कम वोट पड़े। २०१३ के विधानसभा चुनाव में रामपुर मेें ८४.०१, कोरबा में ६९.८९, कटघोरा में ७४.५७, पाली तानाखार में ८१.३९ फीसदी वोट पड़े थे।
कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रांग रूम को किया गया सील
इवीएम मशीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रांग रूम में शिफ्ट किया गया। चारों विधानसभा के इवीएम मशीनों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। मशीन रखने के बाद कमरों को सील कर दिया गया है। हर स्ट्रांग रूम के लिए सीएपीएफ के जवानों को लगाया गया है।
बस्तियों से थोक मेें वोट, रिहायशी इलाकों से बहुत कम
कोरबा विधानसभा में कुल ७१.५८ फीसदी वोट पड़े। सबसे अधिक वोट बस्तियों के थे। जबकि रिहायशी इलाकों से काफी कम वोट पड़े। बस्तियों वाले कई बूथों में ९७ फीसदी तक वोट पड़े। जबकि रिहायाशी इलाकों वाले कई बूथों में मतदान ५० फीसदी भी नहीं हुआ।
गणित निकालने में जुटे प्रत्याशी
प्रत्याशी वोटों का गणित निकालने में दिनभर जुटे रहे। ऐसे बूथ जहां प्रत्याशियों ने ताकत झोंकी थी, जिसे प्रत्याशी अपना गढ़ मानते हैं। उन जगहों पर कितने वोट पड़े। प्रतिद्वंदियों के गढ़ में कितने वोट पड़े। इसका भी आंकलन करने में प्रत्याशी जुटे रहे। हार-जीत का अंतर भी प्रत्याशी अब निकालने में जुट गए हैं।
मतदान कर्मी हुए रवाना
दो दिन तक चुनावी ड्युटी करने के बाद मतदान कर्मी बुधवार की अलसुबह लगभग २ से ३ बजे के आसपास अपने घरों के लिए रवाना हो सके। सबसे अधिक विलंब से पाली तानाखार और रामपुर विधानसभा के मतदाल आईटी कॉलेज पहुंचे। रामपुर के कइे सेक्टर के मतदान दल रात लगभग १ बजे पहुंचे। रात भर आईटी कॉलेज मेंं गहमागहमी का माहौल रहा। अधिकारियों ने मोर्चा संभाले रखा था।