- खेलों को बढ़ावा देना है तो जिला स्तर पर ठोस व्यवस्था करनी होगी
कोरबा. एशियन गेम्स में भारत ने हांगकांग को 26-0 के बड़े अंतर से हराते हुए 1932 का अपना ही ८६ वर्ष पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। तब के ओलिंपिक में भारत ने यूएस को 24-1 से हराया था। इधर भारत ने इंग्लैंड में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच में अंग्रेजों को उनकी ही जमीन पर 203 रन से हराया है। इस जीत के के साथ ही भारत ने पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में वापसी कर ली है। टीम इंडिया ने शुरुआती दोनों टेस्ट हारे थे।
पिछली बार इंग्लैंड में टेस्ट में २००३ में जीत मिली थी। इन ऐतिहासिक उपलब्धियों पर पत्रिका ने खेलों को तराशने वाले कुछ खेल शिक्षकों से प्रतिक्रिया लेते हुए जानने का प्रयास किया कि खेलों को कैसे और भी बेहतर बनाया जाए। वह कौन सी सुविधाएं हैं जिनके मिलने से खिलाडिय़ों की प्रतिभा को तराशा जा सके।
क्रिकेट और हॉकी में लड़कों ने कमाल का प्रदर्शन किया है। लेकिन खेलों को बढ़ावा देना है तो जिला स्तर पर ठोस व्यवस्था करनी होगी। वर्तमान में होता यह है कि बच्चे अपने-अपने स्तर पर प्रयास करते हैं, और मुकाबले वाले दिन मिलते हैं। ऐसे में समन्वय नहीं बन पाता। जिला स्तर अच्छे मैदान व कोच होने चाहिए। सभी को एक साथ क्वालिटी प्रैक्टिस मिले यह सुनिश्चित करना होगा - सीके पाण्डेय, नेट बॉल कोच
भारत खेलों में भारत जब भी बेहतर प्रदर्शन करता है गर्व तो होता ही है। लेकिन जमीनी स्तर पर खेलों को मजबूत बनाने के लिए अभी बेहद प्रयास किए जाने की जरूरत है। हर खेल के विशेषज्ञ कोच की व्यवस्था से कम मेहनत से बेहतर परिणाम मिलेंगे। सरकार को हर खेल के अनुसार खिलाड़ी की डाईट की की भी व्यवस्थ करनी चाहिए। तभी वास्तव में खेल की प्रतिभाओं को निखारा जा सकेगा- आरपी कैवर्त, क्रीडा अधिकारी