एक सवाल के जबाव में सिंह ने कहा कि कोल इंडिया से ३७ खदानों के बंद होने की सूचना मिली थी, लेकिन अब प्रबंधन खदानों को बंद करने से इनकार कर रहा है।
कोरबाञ्चपत्रिका. स्टैंडराइजेशन कमेटी के सदस्य और कोयला मजदूर संघ के नेता वायएन सिंह ने कहा कि कोल इंडिया में आश्रितों का नियोजन बंद नहीं होगा। सिंह ने कहा कि हिन्द मजदूर संघ के नेता अफवाह फैला रहे हैं। उन्होंने पर एचएमएस नेता नाथूलाल पांडे पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया। कहा कि एक तरफ पांडे बैठक में समर्थन करते हैं, दूसरी तरफ भ्रामक जानकारी देते हैं।
सिंह ने बताया कि जबतक कोई निर्णय नहीं होता आश्रितों के नियोजन की प्रक्रिया कोल इंडिया की अनुषांगिक कंपनियों में लागू रहेगा। उन्होंने बताया कि आश्रितों के नियोजन पर चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए एचएमएस नेता नाथूलाल पांडे और सीटू नेता डीडी रामानंदन की अगवाई एक सब कमेटी बनाई गई थी। निर्धारित अवधि में समिति रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर सकी। सिंह ने कहा कि मामला स्टैंडराइजेशन कमेटी को भेज दिया गया।
कमेटी की बैठक में जिस प्रस्ताव पर दस्तखत की जानकारी एचएमएस नेता पांडे दे रहे हैं, वह विवाद सुलझाने के लिए बनाई गई है न की आश्रितों का नियोजन रोकने के लिए। कोरबा प्रवास के दौरान सिंह मीडिया से चर्चा कर रहे थे। इस दौरान राधेश्याम जायसवाल, लक्ष्मण चन्द्रा, संजय सिंह, अरुण सिंह सहित बीएमएस के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
खदान बंद होने से इनकार
एक सवाल के जबाव में सिंह ने कहा कि कोल इंडिया से ३७ खदानों के बंद होने की सूचना मिली थी। लेकिन अब प्रबंधन खदानों को बंद करने से इनकार कर रहा है। अधिकृत तौर पर अधिकारियों का कहना है कि किसी भी खदान को बंद करने का निर्णय नहीं लिया गया है।
फरवरी में होने वाली अधिवेशन की तैयारियों पर चर्चा
कोरबा प्रवास के दौरान वायएन सिंह ने १९ फरवरी से होने वाली अखिल भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ की तैयारियों पर श्रमिक नेताओं से चर्चा की। बताया कि इसके लिए बुधवारी बाजार स्थित सरस्वती शिशु मंदिर का चयन किया गया है। इसमें कोयला उद्योग से बीएमएस के करीब एक हजार पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक २१ फरवरी को खत्म होगा। कोरबा में पहली बार बीएमएस का अधिवेशन आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। ऐसे में इस अधिवेशन के बहाने शक्ति प्रदर्शन की भी जोरदार तैयारी की जा रही है।