एक सप्ताह पूर्व आक्रोशित ग्रामीणों ने बंद करा दिया था काम
छुरीकला. नगर में स्थित गणेशा तालाब का जीर्णोद्धार एवं गहरीकरण कराने प्रशासन द्वारा खनिज न्यास मद से 80.99 लाख की लागत से स्वीकृति प्रदान की गई थी।
कार्य का भूमिपूजन सांसद डॉ. बंशीलाल महतो द्वारा जनवरी 2018 में किया गया था। इसके बाद ठेकेदार द्वारा तालाब का पानी निकालकर कार्य रोक दिया गया।
एक सप्ताह पूर्व पुन: कार्य को प्रारंभ कराया गया। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए काम को बंद करा दिया था। इसके बाद पुन: तालाब का गहरीकरण व जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ करा दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है तालाब का उपयोग निस्तारी के लिए किया जाता है।
गर्मी में पानी की समस्या होती है और ठेकेदार द्वारा गर्मी में तालाब की सफाई, गहरीकरण नहीं कराया गया जिसके कारण ग्रामीणों को गर्मी में निस्तारी की समस्या से जूझना पड़ा।
अब मानसून आने को है, बारिश में न तो पानी की समस्या रहती है और न ही निस्तारी की। बारिश में तालाब में भी पर्याप्त पानी होता है। बारिश के करीब होने पर कराये जा रहे गहरीकरण व जीर्णोद्धार पर सवालिया निशान लग रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश में गुणवत्ताहीन कार्य कराने जाने की आशंका है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को जिम्मेदार बताया गया है।
राशि के बंदरबाट की आशंका
बारिश के करीब आने पर अधिकारी, जनप्रतिनिधि व ठेकेदार द्वारा काम के प्रति सक्रियता दिखाये जाने पर कार्य की पूर्णता और गुणवत्ता पर संदेह बना हुआ है। कार्य के दौरान बारिश होने पर गहरीकरण के साथ-साथ अन्य कार्य भी प्रभावित होगा। करीब 81 लाख रुपए की लागत से होने वाले कार्य को काफी कम में निपटाकर राशि का बंदरबाट किये जाने की संभावना जतायी जा रही है।
नपं अध्यक्ष पहुंचे अवलोकन करने
नगर पंचायत अध्यक्ष अशोक देवांगन अपने समर्थकों के साथ तालाब पहुंचकर कार्य का अवलोकन किया। उन्होंने ठेकेदार को गुणवत्तापूर्ण कार्य कराये जाने का निर्देश दिया।