- इन्हीं हाथियों ने फुटहामुड़ा में एक बच्चे व एक वृद्धा को मार डाला था।
कोरबा. बीती रात एक ग्रामीण को हाथियों ने इतनी दर्दनाक मौत दी कि शव देखकर लोग सहम उठे। शव के इतने चिथड़े कर दिए कि वन विभाग के कर्मियों को जंगल में खोज-खोज कर टुकड़े बीनने पड़े। मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। हाथियों के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हंै। कोरबा वनमंडल के कोरबा व बालको रेंज इन दिनों हाथियों केे हमले से थर्रा रहे हैं। बीती रात दो हाथी पहले तो बालको रेंज कार्यालय के समीप जा पहुंचे। जहां एक बीट गार्ड के मकान की खिड़की व दरवाजा तोड़कर सीधे अंदर घुस गए। हाथियों के पहुंचने से पहले ही परिवार सुरक्षित जगह पर पहुंच गया था इसलिए बड़ी घटना टल गई।
पूरा वन अमला बालको रेंज के आसपास देर रात तक जमा रहा। इसी बीच कोरबा रेंज के ग्राम बुंदेली में हाथियों ने एक ग्रामीण को मौत के घाट उतार दिया। बुंदेली से लगे जंगल में ग्रामीण का क्षत-विक्षत शव सुबह मिला। इतनी दर्दनाक मौत हाथियों ने दी कि सुबह उसके शव देखकर हर कोई सहम गया।
दरअसल दूर-दूर तक ग्रामीण के शरीर के चिथड़े पड़े हुए थे। जब वन अमला सुबह पहुंचा तब उसे मृतक के शरीर के टुकड़े बीनने पड़े। ग्रामीणों की भीड़ लग गई। टुकड़े देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रामीण ने बचने की पूरी कोशिश की, लेकिन हाथी ने उसे पटक-पटक कर मार डाला।
दोनों आक्रमक हुए हाथियों को ट्रैंक्यूलाइज करने की तैयारी
इधर आक्रामक हो चुके दो हाथियों को ट्रैंक्यूलाइज करने की तैयारी चल रही है। पीसीसीएफ ने इसके लिए हरी झंडी दिखा दी है। इन्हीं हाथियों ने फुटहामुड़ा में एक बच्चे व एक वृद्धा को मार डाला था। इसके बाद रजगमार के समीप जंगल में चार दिन से जमे हुए थे। रोजाना उत्पात मचा रहे थे। शनिवार की शाम इन हाथियों को वन विभाग ने पटाखे फोड़कर भगाया था। जिसके बाद ये हाथी बालको रेंज में जा पहुंचे थे। डीएफओ ने बताया कि पीसीसीएफ की अनुमति मिल गई है। सरगुजा से सोमवार को टीम आएगी। जो हाथियों को पहले परीक्षण करेगी। उसके बाद टै्रक्यूलाइज किया जाएगा। हाथियों में चिप लगा दिया जाएगा, जिससे हाथियों के लोकेशन की जानकारी मिलते रहेगी।