Korba Murder Case: कोरबा के नवा बरपारा कोहड़िया में फैक्ट्री कर्मचारी बसंत पटेल का खून से लथपथ शव झाड़ियों में मिला। पुलिस ने धारदार हथियार से हत्या की आशंका जताई है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
Korba Murder Case: कोरबा में शनिवार सुबह नवा बरपारा कोहड़िया स्थित सड़क किनारे झाड़ियों में एक युवक का खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव देखकर राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने धारदार हथियार से हत्या कर शव को झाड़ियों में फेंके जाने की आशंका जताई है। घटनास्थल पर शव को घसीटने के निशान और खून के धब्बे मिले हैं, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है। मृतक की पहचान 37 वर्षीय बसंत पटेल के रूप में हुई है। वह जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ ब्लॉक के सोनसरी गांव का रहने वाला था और पिछले तीन साल से कोरबा के दुरपा सर्वमंगला बरमपुर में किराए के मकान में रह रहा था।
बसंत इंडस्ट्रियल एरिया स्थित संजय फैक्ट्री में कर्मचारी के तौर पर कार्यरत था। उसके दोस्त राकेश पटेल के मुताबिक, वह शुक्रवार सुबह 8 बजे काम पर जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटा। बताया जा रहा है कि बसंत अपने छोटे भाई की शादी में शामिल होने गांव गया था और दो दिन पहले ही वापस कोरबा लौटा था। उसकी पत्नी और दो बच्चे फिलहाल गांव में ही हैं। पत्नी बरमपुर के एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं।
सीएसईबी चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और हत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की वजह और स्पष्ट हो सकेगी।
प्रदेश में ठेकेदारों की बढ़ती दबंगई का एक और मामला सामने आया है। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में अंतागढ़ से नारायणपुर सड़क निर्माण कार्य में लगे ठेकेदारों पर लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक कर्मचारी के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगा है। आरोप है कि ठेकेदार कर्मचारी के घर तक पहुंच गए और वहां घुसकर हमला किया।
जानकारी के मुताबिक, अंतागढ़-नारायणपुर सड़क निर्माण कार्य के दौरान किसी मुद्दे को लेकर ठेकेदारों और PWD कर्मचारी के बीच विवाद शुरू हुआ। पहले यह बहस तक सीमित था, लेकिन बाद में मामला हिंसक हो गया। घर में घुसकर मारपीट का आरोप लगाया गया है। बता दें आरोप है कि ठेकेदार कर्मचारी के घर पहुंचे और वहां न केवल अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, बल्कि उसके साथ मारपीट भी की। इस घटना ने सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।