
कोरबा. जिला पंचायत की सामान्य सभा में पीडब्लूडी के ईई नरेश स्वामी खुद ना आकर एसडीओ राम नरेश दुबे को भेज दिया था। सभा में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत सदस्य ईई को बुलाने की मांग पर अड़ गए। सीईओ ने तत्काल आने का निर्देश दिया और तब फिर ईई १५ मिनट में बैठक में पहुंचे। बैठक मेंं ईई को जमकर फटकार लगाई गई।
बुधवार को जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक रखी गई थी। बैठक में सबसे पहला एजेंडा कटघोरा से पाली सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर था। ईई नरेश स्वामी ने अपनी जगह एसडीओ रामनरेश दुबे को भेज दिया था। सदस्यों ने जब सड़क की मरम्मत को लेकर सवाल उठाया तो एसडीओ ने बताया कि मुख्यालय स्तर पर इसका टेंडर किया गया है। बहुत जल्द इसका काम शुरू हो जाएगा। इस पर जिला पंचायत के सदस्य भड़क गए। सदस्यों का कहना था कि सड़क की इतनी बदहाल स्थिति के बाद भी मरम्मत में देरी की जा रही है। कब तक काम पूरा होगा इसकी जानकारी खुद ईई नरेश स्वामी ही दें।
जिपं सीईओ इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने तत्काल ईई को बैठक में बुलाने के निर्देश दिए। सूचना मिलने के १५ मिनट बाद ईई नरेश स्वामी बैठक में पहुंचे। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष देवी सिंह टेकाम, उपाध्यक्ष अजय जायसवाल सहित अन्य सदस्यों ने जम कर फटकार लगाई। सीईओ ने भी कहा कि जल्द से जल्द काम शुरू कराया जाए। जब तक मरम्मत नहीं होता तब वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
डीएमएफ फंड से खदान प्रभावित क्षेत्र में काम कराने की मांग
जिला पंचायत की सामान्य सभा में पहली बार जिला खनिज न्यास मद के कार्यों को लेकर भी चर्चा हुई। उपाध्यक्ष अजय जायसवाल ने बात उठाई कि खदान प्रभावित क्षेत्रों में काम नहीं हो रहा है। काम स्वीकृत क्यों नहीं कराया जा रहा है। इस पर प्रभारी अधिकारी ने बताया कि अब तक बड़ा प्रस्ताव उस क्षेत्र से नहीं मिला था। इस वर्ष प्रस्ताव लेकर काम किया जाएगा।
शौचालय निर्माण की गड़बड़ी की जांच अब मुख्यालय स्तर पर
सदस्यों ने कहा कि शौचालय निर्माण की गड़बड़ी की शिकायत पर जांच में लापरवाही बरती जा रही है। ब्लॉक या फिर जनपद स्तर पर होने वाले जांच को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इसलिए अब शौचालय निर्माण की शिकायत सामने आती है तो उसकी जांच मुख्यालय स्तर पर की जाय। इसकी रिपोर्ट समय पर जिला पंचायत के सदस्यों को भी दी जाएगी।
पीएमजीएसवाय की सड़कें समय से पहले हो रहीं खराब
बैठक में पीएमजीएसवाय की सड़क को लेकर भी सवाल उठाए गए। सदस्यों ने कहा कि समय से पहले ही सड़क की परत उखडऩे लगी है। मरम्मत के लिए कई महीनों तक पत्र लिखने के बाद भी सुधार कार्य नहीं होता। इस पर अधिकारी को निर्देश दिया गया कि ऐसी सड़कों की सूची बनाकर जल्द मरम्मत कार्य शुरू करवाया जाए, ताकि आवागमन में राहगीरों को परेशानी न हो।