कोरबा

मिसाल : करतला के बीईओ ने दिखाई तत्परता, सीपीएस कटौती के मामले में ब्लॉक प्रदेश के 146 विकासखंडों में अव्वल

- एक अप्रैल 2012 से अब तक सीपीएस खाते में जमा हुई शिक्षकों की राशि
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Updated: 8 Jun 2018, 12:00 PM IST
मिसाल : करतला के बीईओ ने दिखाई तत्परता, सीपीएस कटौती के मामले में ब्लॉक प्रदेश के 146 विकासखंडों में अव्वल
मिसाल : करतला के बीईओ ने दिखाई तत्परता, सीपीएस कटौती के मामले में ब्लॉक प्रदेश के 146 विकासखंडों में अव्वल

कोरबा. शिक्षाकर्मियों और प्रशासन के मध्य अक्सर तू-तू, मैं-मैं और खींचातानी की खबरें ही सुर्खियां बटोरती रही हैं। लेकिन जब कोई शिक्षक संघ विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी सरीखे अफसर की तारीफ करे तो इससे यह बात तो साफ हो जाती है कि अफसर यदि गंभीरता से अपने कर्तव्यों का पालन करें तो समस्याओं को संतोषजनक हल निकाला जा सकता है। शिक्षाकर्मियों के पेंशन का इंतजाम करने वाली सीपीएस योजना सालों से लटकी पड़ी है। कई स्थानों में प्रशासनिक उदासीनता के कारण योजना अधर में है। लेकिन जिले के करतला विकासखंड में हुआ अच्छा काम एक आदर्श की तरह है। जिससे बाकी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए।

2012 से लागू है योजना
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रदेश में कार्यरत शिक्षक पंचा/ननि. संवर्ग के लिए अप्रैल 2012 से सीपीएस, अंशदायी पेंशन योजना की व्यवस्था प्रदान करते हुए संवर्ग के कर्मचारियों के मूल वेतन से 10 प्रतिशत राशि कटौती करने का आदेश जारी किया गया था। उक्त आदेश का परिपालन करते हुए कोरबा जिले के विकास खंड करतला के शिक्षा अधिकारी ने तत्परता से विकासखंड में कार्यरत शत् प्रतिशत शिक्षक पंचायत संवर्ग के सीपीएस खाते में एक अप्रैल 2012 से अब तक मई 2018 तक का पूर्ण कटौती करते हुए एक तरह से मिसाल कायम कर दी है। शिक्षाकर्मियों की शत प्रतिशत सीपीएस कटौती के मामले में करतला प्रदेश के 146 विकास खंडों में सबसे आगे है।

करते हैं बहाना
इस योजना के तहत शिक्षाकर्मियों को रिटायर्मेंट के बाद पेंशन देने का प्लान है। लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी कई बार कटौती न करने की वजह कई बहाने बता देते हैं।

-आंशदायी पेंशन योजना का लाभ देने के लिए करतला के शिक्षाकर्मियों के मूल वेतन से १० प्रतिशत राशि कटौती हो रही है। यहां यह आंकड़ा शत प्रतिशत है। जो प्रदेश में और किसी भी विकासखंड में नहीं हो रहा है।
ओमप्रकाश बघेल, कार्य. प्रांताध्यक्ष, संयुक्त शिक्षाकर्मी संघ

-यह योजना अपै्रल २०१२ ये लागू है। जिसके लिए हर माह शिक्षाकर्मियों के वेतन से हर माह दो-दो माह को अंशदान काटा जा रहा था। जिसके कारण वर्तमान में शत प्रतिशत शिक्षकर्मियों की कटौती हो चुकी है। संदीप पांडे, बीईओ, करतला

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8 Jun 2018, 12:00 PM IST
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