
Korba Murder Case: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक युवक की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम कनबेरी निवासी शंकर रोहिदास का शव दो दिन बाद एक पेड़ से लटका मिला था। अब मृतक की मां नीराबाई रोहिदास ने इस मामले को आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या बताते हुए पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि प्रेम संबंध के चलते उनके बेटे को लगातार धमकियां मिल रही थीं और मौत से पहले उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
मृतक की मां नीराबाई ने बताया कि उनका बेटा शंकर 17 जून को काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला था। देर रात तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इस दौरान उसके मोबाइल पर लगातार घंटी बज रही थी, लेकिन कोई कॉल रिसीव नहीं कर रहा था। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर तलाश शुरू की और दो दिन बाद गांव से करीब 100 मीटर दूर एक परसा पेड़ पर शंकर का शव लटका हुआ मिला।
नीराबाई का आरोप है कि उनके बेटे के शरीर और कपड़ों पर कई जगह चोट के निशान थे। उनका कहना है कि घटनास्थल और शव की स्थिति कई सवाल खड़े करती है और यह मामला आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि कुछ अन्य परिस्थितियां भी ऐसी थीं, जो इस बात की ओर इशारा करती हैं कि पहले हत्या की गई और बाद में शव को पेड़ से लटका दिया गया।
मृतक की मां के अनुसार, शंकर का एक रिश्तेदार की बेटी के साथ प्रेम संबंध था। वह बेटे की शादी का प्रस्ताव लेकर लड़की के घर भी गई थीं, लेकिन परिजनों ने इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद युवती और उसके परिवार द्वारा शंकर को लगातार परेशान किया जाने लगा। 16 जून को युवती अपनी मां के साथ उनके घर पहुंची थी और कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी।
नीराबाई ने यह भी दावा किया कि शंकर को पहले भी कुछ अज्ञात लोगों द्वारा अगवा करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अधिकारियों की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।