
Hasdeo River Crocodile: कोरबा जिले के तरदा गांव और आसपास के इलाकों में एक बार फिर मगरमच्छ देखे जाने की खबर से ग्रामीणों में डर का माहौल है। मंगलवार को तरदा एनीकट और कुदुरमाल एनीकट के पास मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना मिली। इसके बाद वन विभाग ने हसदेव नदी किनारे बसे गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया है। ग्रामीणों से फिलहाल खेतों और नदी के आसपास नहीं जाने की अपील की गई है।
कुछ दिन पहले भी तरदा गांव में एक मगरमच्छ देखा गया था। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण करीब 4 फीट लंबा मगरमच्छ खेत तक पहुंच गया था। ग्रामीणों ने हिम्मत और सूझबूझ दिखाते हुए उसे पकड़कर वन विभाग को सौंप दिया था। उसी समय ग्रामीणों ने इलाके में और मगरमच्छ होने की आशंका जताई थी।
मंगलवार को तरदा और कुदुरमाल एनीकट में मगरमच्छ देखे जाने की सूचना के बाद इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगीं। सूचना मिलते ही वन विभाग सक्रिय हुआ। बुधवार सुबह करतला वन मंडल के रेंजर अक्ष ऋषि अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों स्थानों का जायजा लिया। टीम ने आसपास के इलाकों में मगरमच्छ की मौजूदगी को लेकर जांच भी की।
करतला वन मंडल के रेंजर अक्ष ऋषि ने बताया कि कुछ दिन पहले तरदा में एक छोटा मगरमच्छ मिला था। उस समय ग्रामीणों ने इलाके में और मगरमच्छ होने की आशंका जताई थी। दोबारा मगरमच्छ देखे जाने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन अभी तक मगरमच्छ नहीं मिला है। वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में नजर बनाए हुए है। मगरमच्छ की मौजूदगी की पुष्टि के लिए आसपास के नदी क्षेत्र और एनीकट के आसपास सर्च किया जा रहा है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि फिलहाल हसदेव नदी और उसके आसपास के क्षेत्रों में जाने से बचें। खासकर खेतों में काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने और अकेले नदी किनारे नहीं जाने की सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा जाएगा। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीम भी तैनात की जाएगी।
लगातार मगरमच्छ देखे जाने की खबरों से तरदा और आसपास के गांवों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि वन विभाग जल्द ही मगरमच्छ का पता लगाकर उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएगा, जिससे इलाके में बना डर खत्म हो सके।